उम्र संबंधी रूढ़ियों पर विश्वास नहीं करती माधुरी दीक्षित


मुंबई।


फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने ने कहा कि वह उम्र संबंधी रूढ़ियों पर विश्वास नहीं करती है और ऐसी भूमिकाओं का चुनाव करेंगी जिसमें उन्हें कुछ ‘अप्रत्याशित’ करने का मौका मिलेगा। वरिष्ठ अभिनेत्री ने ‘राम लखन’, ‘तेजाब’, ‘दिल’, ‘हम आपके है कौन....!’, ‘मृत्युदंड’, ‘पुकार’, ‘देवदास’ जैसी फिल्मों के साथ खुद को विविधतापूर्ण किरदार निभाने के लिए स्थापित किया था। माधुरी ने 2007 में ‘आजा नचले’ के साथ वापसी की और फिर 2014 में अंतराल के बाद ‘डेढ़ इश्किया’ और ‘गुलाब गैंग’ के साथ दमदार वापसी की थी। उन्होंने कहा कि मैं कभी इससे नहीं चिपकी कि अब मैं एक पत्नी हूं और दो बच्चों की मां हो गयी हूं, इसलिए मैं इस तरह की भूमिकाएं निभा सकती हूं। मैं पत्नी हूं और मां हूं, इसलिए मुझे इस तरह की भूमिकाएं नहीं निभानी चाहिए। मैं इस बात पर कतई यकीन नहीं करती हूं।


माधुरी ने पीअीआई से कहा कि मैं कुछ अलग करने में विश्वास करती हूं जो घिसे पिटे तरीके को समाप्त करे। इसलिए मैं ‘डेढ़ इश्किया’, ‘गुलाब गैंग’, ‘बकेट लिस्ट’ और ‘टोटल धमाल’ कर सकी। इन फिल्मों ने मेरी अलग तरह की छवि बनायी। लोगों को आशा करनी चाहिए कि मैं स्क्रीन पर कुछ अप्रत्याशित करूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि लोगों को वक्त के साथ बदलना होगा। मैं वक्त के साथ चलती हूं। मैं फिल्म निर्माण करती हूं तो मुझे ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जो यथार्थवादी हो और मुझे पता हो कि इसमें कुछ ऐसा हो जिसे लोग पसंद करेंगे। नेटफ्लिक्स ओरिजनल में फिल्म ‘15 अगस्त’ के जरिये अपने पति श्रीराम नेने के साथ निर्माता बनी माधुरी ने कहा कि बतौर अभिनेत्री और बतौर निर्माता उनकी पसंद हमेशा कुछ अलग करने की होती है।


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