आईएएस अभय पर सीबीआई की कार्यवाही का फतेहपुर से है गहरा ताल्लुक

अवैध मोरम खनन में डीएम राकेश कुमार हो चुके हैं निलम्बित
मोरम माफियाओं के काकस का अहम् हिस्सा थे पट्टा धारक सुखराज निषाद 

फतेहपुर।


असोथर कस्बे में सुबह सीबीआई की टीम ने छापा मारते हुए तत्कालीन पट्टा धारक सुखराज निषाद के यहां से खनन संबंधी कागजात जब्त कर लिए है और पूरे कागजात साथ लेकर टीम यहां से रवाना हो गई। बता चलें कि बुलन्दशहर के डीएम अभय ने फतेहपुर का डीएम रहने के दौरान जिले में भी बड़े पैमाने पर हुआ था अवैध खनन, बिना पट्टे के ही खनन माफियाओं ने यमुना नदी से खोदी थी मोरम, अधिकारियों की मिली-भगत से हो रहा था। अवैध खनन, सब कुछ जानते हुए भी तत्कालीन डीएम ने खनन माफियाओं पर नहीं की थी कार्यवाई। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर खनन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई तीसरी बार फतेहपुर आई है। सपा शासनकाल के दौरान अवैध तरीके से खनन कराने में जांच का सामना कर रहे जनपद के तत्कालीन डीएम अभय सिंह सीबीआई की जाँच के राडार पर है। 
ज्ञातव्य रहे कि अभय 30 सितंबर 2013 से लेकर 8 जून 2014 के लगभग 9 महीने के कार्यकाल के दौरान इस जनपद के जिलाधिकारी रहे अभय पर अपने चहेतों को खनन के नाम पर अवैध पट्टे देने व खनन के नाम पर अनियमितताएं करने का आरोप है। उनके कार्यकाल में न केवल ओवरलोडिंग जमकर हुई। वही अवैध तरीके से माफियाओं द्वारा जमकर लाल सोने का बंदरबांट किया गया, वर्तमान समय में अभय सिंह बुलंदशहर जनपद में बतौर जिलाधिकारी तैनात है। 
खनन कारोबारी से जन प्रतिनिधि बने सुखराज निषाद की माने तो 2006 में यमुना के कोर्रा कनक का उसका पट्टा हुआ था। जो तीन साल के लिए था। फिर रोक लगने के बाद साल 2014 में फिर से खनन का पहले के पट्टा धारकों को दे दिया गया था। यहां पर यह भी गौर तलब है कि अभय उस समय तो जाँच की परिधि में नहीं आ पाये थे किन्तु उनके बाद जून 2014 से जून 2015 तक इस जनपद के डीएम रहे राकेश कुमार को अवैध मोरम खनन में लिप्त पाने पर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद मे ंप्रवास के दौरान निलम्बित कर दिया था। उनके साथ इलाहाबाद मण्डल के आयुक्त वीके सिंह, खागा के एसडीएम, खनन अधिकारी, सम्बन्धित थानाध्यक्ष को भी निलम्बित किया गया था।



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