राफेल और राजनीति साथ-साथ

नरेन्द्र सिंह राणा
विश्व के सर्वशक्तिशाली देश अमेरिका के पास जिसकी कोई काट नहीं है व चीन उसकी ताकत के सामने पानी-पानी हो रहा है तथा पाकिस्तान की तो रातों की नींद ही उड़ गई है। जी हां वह है आसमान का बेताब बादशाह फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान। जल्द ही भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएगा। 2 माह बाद यानि सितम्बर 2019 में राफेल भारत आ जाएगा। भारत व फ्रांसकी नौसेना अपना छठवा युद्धाभ्यास कर रही है। भारत की और से स्वयं नौसेना के प्रमुख अधिकारी आर.के. सिंह भदौरिया अपनी टीम के साथ इस अभ्यास में शामिल हैं। भारत के लड़ाकू विमान सुखोई ने राफेल के साथ साथ आसमान में अपने-अपने करतब दिखायें स्वयं भदौरिया ने राफेल को आसमान में उड़या। भदौरिया से इस अवसर पर कुछ समाचार चैनलस ने राफेल के विषय में पूछा। उन्होंने ने कहा कि राफेल मिलने के साथ ही भारतीय वायुसेना दुनिया की बहुत ताकवतवर सेनाओं की श्रेणी में गिनी जाएगी। यद्धपि भारतीय वायुसेना के पास सुखोई, तेजस जैसे उच्च कोटी के लड़ाकू विमान मौजूद है लेकिन राफेल की बात कुछ और है। हाल-फिलहाल कुल 36 राफेल विमान भारत ने फ्रांस से खरीदें हैं। इसी वर्ष सितम्बर माह से ये विमान भारत आने शुरू हो जाएगें। भारत वर्ष में इस राफेल विमान खरीद को लेकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान राहुल गांधी ने आसमान सिर पर उठाया हुआ था। वह इस रक्षा सौदें को निरस्त कराना चाहते थे। वर्षों तक इसकी जांच की मांग करते रहे। सर्वोच्च न्यायालय तक में रिट की गई। मा. सर्वोच्च न्यायालय ने पूरे मामले को सुना और कहा कि इस डील में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। डील पूरी तरह भारत सरकार ने नियमों के अन्तर्गत की है। इस बीच लोकसभा चुनाव आ गए राहुल गांधी ने सुप्रीमकोर्ट का हवाला देकर कह दिया कि अब तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी उनकी बात को सही मान लिया है। इस झूठ बोलने के खिलाफ भाजपा की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कोर्ट में रिट कर दी। कोर्ट ने संज्ञान लेकर राहुल गांधी से जबाब मांगा। राहुल गांधी ने पहले तो अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में हल्फनामा देकर इस पर खेद प्रकट कर दिया। कोर्ट में इस पर बहस हुई कि महज खेद प्रकट कर देने से काम नहीं चलेगा तब जाकर राहुल गांधी ने माफी मांगते हुए कहा कि आवेश में उन्होंने यह सब कह दिया था उसके लिए वह माफी मांगते है। मामला अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है। अपने विषैले ब्यानों के कारण ही राहुल गांधी को अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे है। भारत की शाख उसकी मर्यादा है। वाणी की मर्यादा, व्यवहार  की मर्यादा इतनी निर्मल है कि पूरा विश्व भारतीय संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ कहता है। मर्यादापुरूषोतम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है भारत। पुरूषोत्तम यानि पुरूषो में उत्तम। नरलीला करते हुए नारायण श्री हरि ने अपने राम अवतार में जगह-जगह मर्यादा को स्थापित किया है। सम्पूर्ण मानव जीवन की शोभा में मर्यादा चार चांद लगा देती है। राजनीति में भाषा की मर्यादा को तार-तार करना एक चलन सा बन गया है। एक दूसरे के विरूद्ध अर्मादित भाषा का खुल्मखुल्ला इस्तेमाल करने में कोई कसर बाकी नही रह गई। कांग्रेस पार्टी में तो मानों फौज है बेतुका बेसुरा बोलने वालों की। दिग्गी राजा के नाम से मशहूर दिग्विजय सिंह का अलकायदा प्रमुख ओसामाबिनलादिन को ओसामा जी हाफिज सईद को हाफिज जी कहना कोई भूला नहीं है। हिन्दुओं को भगवा आंतकवाद कहकर बदनाम करना मानों कांग्रेस पार्टी का सलोंगन बन गया था। राहुल गांधी विदेश की धरती पर यूपीए-2 की सरकार के कार्यकाल में बोले थे कि देश को भगवा आंतकवाद से ज्यादा खतरा है। कर्नल पुरूरोहित स्वामी असीमानन्द व साध्वी प्रज्ञा को जेल भेजा गया यातनाए दी गई। भारत की तत्कालिन यूपीए सरकार के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने संसद में भगवा आंतकवाद कहकर हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। न्यायालय में मुकदमा चला तब सरकार की पोल खुली और इंसाफ हुआ बेगुनाहों के साथ। भारत का जनमानस अंदर ही अंदर रोष में था। सही वक्त का इंतजार करता रहा। 2014 में लोकसभा चुनाव हुए। यूपीए सरकार को करारी हार का सामना करना पड़ा। जो पार्टी सरकार की इन तुष्टिकरणवादी नीतियों का डटकर मुकाबला कर रही थी उसकी पूर्णबहुमत की सरकार जनता के भरपूर समर्थन से बनी। भारत के प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र भाई मोदी। उन्होंने भारत सरकार की कमान संभाली। भारत में यह कहावत आम है कि ''पूत के पैर पालने में'' को मोदी जी की सरकार ने सच कर दिखाया। भारतीय सेना को दुनिया की आधुनिक सेना बनाने का बीड़ा उठाया। नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि सेना की संख्या से ज्यादा आवश्यक है उसको हाईटेक बनाना। मोदी जी ने बिना विलम्ब किये सेना की मांगो को पूरा करना प्रारम्भ किया। देश की सीमा को सुरक्षित करने के लिए लेजर प्रणाली को अपनाया। गोला-बारूद-विमान-टैंक-हेलीकाप्टर सब खरीदना शुरू कर दिया। दुनियों के देशों के पास जो भी आधुनिक से आधुनिक तकनीकी है उसे अपने यहां लाने का कार्य शुरू किया। अमेरिका के विरोध के बाद भी रूस से आधुनिक एंटी मिसाईल प्रणाली खरीदी। रूस की इस प्रणाली का दुनिया में कोई तोड़ नहीं है। इसके कारण भारत रूस, अमेरिका, व चीन के बाद दुनिया का चैथा देश बन गया है। अमेरिका से उत्तम श्रेणी के हेलीकाप्टर खरीदें। फ्रांस से आसमान का बेताज बादशाह राफेल विमान खरीदे। विश्व के सभी देश चाहते थे कि भारत अपनी सेना के लिए अधिक से अधिक सामान उनके ही देश से खरीदे लेकिन भारत सरकार ने किसी देश को ध्यान में रखकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं की बल्कि जो जिस देश के पास सर्वश्रेष्ठ तकनीकी है उसी को वरियता दी। अपने देश में स्वदेशी तकनीकी को बढावा दिया। भारत ने सर्वश्रेष्ठ मिसाइल बनाई। साऊदी अरब ने भारत से इन मिसाइलों को खरीदने का समझौता किया है। जल्द ही भारत से अन्य देश भी हथियारों की खरीद करेंगे इसी पूरी संभवना बनी है। भारत ईरान, साऊदीअरब आदि देशों से अपनी मुद्रा (रूपया) में व्यापार कर रहा है। भारत में एक समय यह दौरा आया था ''कातिल को सजा कोई नहीं थी'', हर सजा सिर्फ उनके लिए थी जिनकी खता कोई नहीं थी।'' लोंगो की ''बकवास का जवाब नहीं देने वालों को कमजोर समझने की भूल की गई परन्तु ये तो वो समझदार लोग है जो कभी कीचड़ में पत्थर नहीं मारते इसलिए  इनके दिल और कपड़े हमेशा साफ और बेदाग रहते है।'' 
सत्य पर चलने वाले परेशान हो सकते है पराजित कभी नहीं होते। आचार्य चाणक्य ने कहा है ''श्रेष्ठता जन्म से नहीं आती-गुणों के कारण इसका निर्माण होता है। दूध-दही-छाछ घी- सब एक ही कुल के होते हुए भी सबके मूल्य अलग-अलग होते है। द्वापर युग में कंस जैसे मरने से डरता था इसीकारण अपनी बहन (देवकी) व बहनोई को जेल में डालकर उनकी आठवीं संतान के पैदा होने का इंतजार करता रहा और परमात्मा श्रीकृष्ण का जब अवतार (जन्म) हुआ तो सारे पहरेदार सो गए जेल के ताले टूट गए और वासुदेव भगवान को गोकुल में अपने मित्र के यहां पहुंचकर कर उनकी बेटी को लेकर आ गए तब पहरेदार जगे और कंस को देवकी की आठवीं संतान पैदा होने की सूचना दी। तब कंस आता है और उसको जैसे ही मारने लगता है वह कन्या आकाश में उड़ गई और भविष्यवाणी हुई कि तू मुझे क्यों मारता है मैं वो नहीं हूॅ तेरा मारने वाला तो गोकुल पहुंच चुका है। कंस घबरा उठा अरे ये कैसे हो गया। गोकुल में भगवान को खोजकर मारने के लिए पुतना आदि अनेक राक्षस भेजे परन्तु सफलता नहीं मिली अंत में भगवान श्रीकृष्ण को मथुरा बुलाकर मारने का हर षडयंत्र जो वह कर सकता था किया परन्तु नर नारायण से कभी जीत ही नहीं सकता है। भगवान ने कंस का बध कर दिया। ठीक उसीप्रकार भगवान की जन्मभूमि भारतवर्ष के दुश्मन भी मात खाएगें क्योंकि उनको सबक सिखाने वाला राफेल विमान अब भारत की वायुसेना का अहम हिस्सा  बन चुका है। भारतीय वायुसेना ने फ्रांस की सेना के साथ उसका प्रयोग करना प्रारम्भ कर दिया है। 11 जुलाई को दुनिया ने फ्रांस में दोनो सेनाओं का युद्धाभ्यास देखा। इसी वर्ष 2 महीनें के अन्दर सितम्बर माह में राफेल भारतीय सेना को मिल जाएगा। कांग्रेस कर्नाटक के नाटक में फंसी है। गोवा में तो 15 से 10 विधायक ही पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। 57 वर्ष के काग्रेस राज में देश के लिए क्या किया तथा अपने परिवार व कांग्रेसी नेताओं के लिए क्या-क्या किया गया सब सामने है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साहब को इसी कांग्रेस पार्टी ने दोबारा राष्ट्रपति नहीं बनने दिया था। कलाम साहब दोबारा राष्ट्रपति बनते तो देश का कल्याण ही करते लेकिन उनको नहीं बनने दिया गया। स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी जब प्रधानमंत्री थे तब वो कलाम साहब को लेकर आये थे। देश के लिए जो भी अच्छा हो वह किया जाना चाहिए। वर्तमान में पूर्व विदेश सचिव एस. जयशंकर को मोदी जी ने अपनी सरकार में विदेश बनाया है। एक और पूर्व अधिकारी हरदीप पूरी को भी पुनः मंत्री बनाया है। देश की तरक्की अपनी जगह और दलीय राजनीति अपनी जगह होनी ही चाहिए। परिवारवाद, वंशवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद ने देश को कमजोर बनाया है। गुण और दोष को पहचान कर मोदी जी भविष्य का भारत एक नवभारत बनाने में लगे है वहीं विपक्ष टांग अड़ाने में लगा है। राहुलगांधी भी मोदी जी की भांति अपने को हिन्दुहितैषी, भगवान भगत दिखाने में लगे थे लेकिन हुआ यू ''गए थे हरि भजन को ओटन लगे कपास। हंस और बगुला अपने रंग से नहीं अपने गुण से पहचाने जाने जाते है''। 


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