जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री

लखनऊ।


प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोक भवन में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस), सीएम हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायतों तथा भारत सरकार के पीजी पोर्टल पर आने वाली जनशिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। उनके द्वारा ग्राम्य विकास, राजस्व एवं आपदा, खाद्य एवं रसद, नगर विकास, गृह एवं गोपन तथा पंचायतीराज विभाग से सम्बन्धित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज करायी जा रही शिकायतों के गुणवत्तापरक एवं प्रभावी निस्तारण के प्रति कटिबद्ध है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या के प्रभावी निस्तारण का पैमाना शिकायतकर्ता की संतुष्टि होगा।    
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों एवं अन्य सभी अधिकारियों को पूर्व में ही समय से कार्यालय पहुंचने और प्रतिदिन 01 घण्टा जनसुनवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कर, उन्हें दण्डित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, अनुशासन, गरिमा का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। सभी विभागाध्यक्ष जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण में रुचि लें। उन्होंने कहा कि आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण सम्बन्धी सूचनाएं तभी अपलोड की जाएं, जब समस्या का समाधान किया जा चुका हो। 
मुख्यमंत्री ने आज की समीक्षा बैठक में जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को शासन, निदेशालय, मण्डल तथा जनपद स्तर पर परखा। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग के तहत दर्ज शिकायतों के मण्डल स्तर पर असंतोषजनक निस्तारण वाले 05 मण्डलों, जिनमें मेरठ, वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और मुरादाबाद शामिल हैं, के मण्डलायुक्तों को निर्देश दिए कि वे जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण के प्रति रुचि दिखाते हुए शीघ्रता से इनका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने असंतोषजनक निस्तारण वाले 05 जनपदों बस्ती, सम्भल, मैनपुरी, कौशाम्बी और ललितपुर के मुख्य विकास अधिकारियों को जनसमस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान में वांछित प्रगति न होने की दशा में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को शौचालय निर्माण में कतिपय जनपदों द्वारा ओवर रिपोर्टिंग किए जाने की सूचना मिलने पर सम्बन्धित जिलाधिकारियों को शो-कॉज़ नोटिस देने के निर्देश दिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफ0आई0आर0 करने और उन्हें टर्मिनेट करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा के ग्राम्य विकास विभाग जनता से जुड़ा हुआ है, जिसके कार्यों का सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में इस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखानी होगी। उन्होंने इस विभाग द्वारा लागू की जा रही विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की मॉनीटरिंग के उद्देश्य से तकनीक का उपयोग करने के भी निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं आपदा विभाग के तहत आई0जी0आर0एस0 पर दर्ज होने वाली जनसमस्याओं के निस्तारण की समीक्षा करते हुए 05 असंतोषजनक निस्तारण वाले मण्डलों, जिनमें सहारनपुर, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर तथा अयोध्या शामिल हैं, के मण्डलायुक्तों तथा जनपद स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति सुधारने के कड़े निर्देश दिए। इस कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता की समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारी अपने तैनाती स्थल पर ही मौजूद रहें, ताकि लोगों की समस्याएं सुनकर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने ब्लॉक, तहसील, जनपद स्तर पर तैनात अधिकारियों को अपने तैनाती स्थल पर मौजूद रहने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अनुपस्थित पाये जाने की दशा में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव को जनपदों में अपने अधिकारियों को भेजकर जनपद में राजस्व विभाग के सभी अधिकारियों की उपस्थिति तथा उनकी कार्यप्रणाली की जांच करने के निर्देश दिए।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनसमस्याओं के निस्तारण में  मण्डलायुक्तों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। ऐसे में वे अपने स्तर से यह सुनिश्चित करें कि उनके मण्डल के जनपदों की जनसमस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी मण्डलायुक्तों को अपने-अपने मण्डल के जनपदों का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। 
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को राजस्व आयुक्त ने राजस्व परिषद द्वारा विभागीय कार्य पद्धति में जनसामान्य की सुविधा के लिए किए गए महत्वपूर्ण बदलावों के विषय में अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अविवादित वरासत के प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के लिए ऑनलाइन पोर्टल कार्यरत है। इसके तहत अब किसी भी कृषक की मृत्यु पर उसके वारिसों द्वारा कहीं से भी ऑनलाइन वरासत अंकित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है, जिसका निस्तारण 01 माह में करना अनिवार्य है। विवाद की दशा में मामला सम्बन्धित न्यायालय में संदर्भित हो जाता है। इसी प्रकार हैसियत प्रमाण पत्र, एण्टी भू-माफिया अभियान, प्रदेश के सहखातेदारों के अंश निर्धारण, औद्योगिकीकरण विकास इत्यादि जैसी सुविधाएं इस पोर्टल द्वारा दी जा रही हैं। 
मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग के संदर्भ में आई0जी0आर0एस0 पर आने वाली शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में ई-पॉस मशीनों के सिम में खराबी की शिकायत मिलने लगी हैं। उन्होंने इस प्रकरण की गहन जांच करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनता को राशन मिलने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने खाद्यान्न वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ तथा मुरादाबाद कुल 05 असंतोषजनक मण्डलों के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने झांसी, मथुरा, बाराबंकी, लखनऊ तथा ललितपुर के जिला पूर्ति अधिकारियों को भी स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं। 
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग के संदर्भ में आई0जी0आर0एस0 पर मिलने वाली शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि नगरों की सफाई के दृष्टिगत प्लास्टिक बैन को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के लिए प्लास्टिक/थर्मोकोल को पूरी तरह से बैन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह बैन पहले से ही लागू है और जहां-जहां इसे ठीक से लागू किया गया है, वहां स्वच्छता में 50 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। उन्होंने प्लास्टिक की बिक्री/उत्पादन पर प्रभावी रोक लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए व्यापारियों से संवाद बनाया जाए। शादी-विवाह में प्लास्टिक/थर्मोकोल के प्रयोग को रोका जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारीगण फील्ड का दौरा भी करें। नगरों की सफाई के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। इसके अलावा, नगर आयुक्त/अपर नगर आयुक्त जन सम्पर्क कर जनसमस्याओं का समाधान करें। 
मुख्यमंत्री ने 05 असंतोषजनक निस्तारण वाले मण्डलों, जिनमें देवीपाटन, कानपुर, आजमगढ़, बरेली तथा वाराणसी शामिल हैं, के मण्डलायुक्तों सहित जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्धता के साथ स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने असंतोषजनक निस्तारण वाले 05 जनपदों, जिनमें बिजनौर, गाजीपुर, सीतापुर, गोण्डा तथा मेरठ सम्मिलित हैं, के नगर आयुक्तों/अधिशासी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्थिति में समयबद्धता के साथ सुधार किया जाए, अन्यथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 
मुख्यमंत्री ने गृह एवं गोपन विभाग के संदर्भ में आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 05 असंतोषजनक निस्तारण वाले मण्डलों, जिनमें प्रयागराज, मुरादाबाद, अलीगढ़, लखनऊ तथा चित्रकूट शामिल हैं, के पुलिस उप निरीक्षकों को स्थिति में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने आई0जी0आर0एस0 में असंतोषजनक निस्तारण वाले जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भी तत्काल स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। इनमें प्रमुख रूप से महोबा, प्रतापगढ़, खीरी, श्रावस्ती तथा कानपुर देहात शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के रेंज और जोन स्तरों को प्रभावी बनाया जाए। साथ ही, भ्रष्ट थानाध्यक्षों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जो पुलिस कर्मी एक ही स्थान पर लम्बे समय से तैनात है, उन्हे फौरन स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निचले स्तर तक पुलिस की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। सभी आई0जी0/डी0आई0जी0 अपने रेंज के जनपदों का दौरा करना सुनिश्चित करें। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अपराधी जेलों से अपनी गतिविधियां संचालित न कर सकें। उन्होंने अभियोजन की कार्रवाई तेज करने के भी निर्देश दिए। पेशेवर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकता पर सख्त कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को हर हाल में सुरक्षा प्रदान करना है। जघन्य अपराधों में तुरन्त जवाबदेही तय की जाए। 
मुख्यमंत्री ने आज की समीक्षा में शामिल सभी 06 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण के सम्बन्ध में अपना-अपना सिस्टम बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का ठोस निस्तारण किया जाए और कृत कार्रवाई से शासन तथा विभाग को निरन्तर सूचित किया जाए। 
बैठक में मुख्य सचिव डॉ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अध्यक्ष राजस्व परिषद दीपक त्रिवेदी, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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