सैनिकों और बंदियों को रक्षाबंधन पर राखी बांधेंगे राजभवन परिसर के बच्चे

बच्चों के व्यक्तिगत विकास के लिये उनकी रूचि को प्रोत्साहित करें : राज्यपाल


लखनऊ।


राजभवन परिसर में रहने वाले कर्मियों के बच्चे आगामी 15 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर समूह बनाकर सेना के सेन्ट्रल कमाण्ड एवं जेल जाकर वहाँ राखी बांधेंगे। बच्चे सेना के अधिकारियों एवं जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उनका अभिनन्दन करेंगे तथा उनके बारे में जानेंगे। इसी प्रकार बच्चे जेल में निरूद्ध बंदियों से बातचीत कर उनसे एवं उनके परिवार के बारे में और किये गये जुर्म की जानकारी लेंगे। इससे बच्चों में जीवन में कभी भी गलत कार्य न करने की प्रवृत्ति पर स्वाभाविक रूप से असर पड़ेगा। राज्यपाल ने कहा कि बच्चे ऐसे स्थानों पर जाकर अध्ययन करेंगे तथा अपने अनुभव लिखकर उन्हें दिखायेंगे।
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रविवार को राजभवन परिसर में निवास करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बच्चों को राजभवन के गांधी सभागार में सम्बोधित कर रही थीं। राज्यपाल ने कहा कि सभी कर्मियों के परिवार का आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनका उपचार तब तक कराया जाये जब तक वे पूर्णतया स्वस्थ न हो जायें। जरूरत पड़ने पर रोग विशेषज्ञ का भी सहयोग लें। टीबी मुक्त प्रदेश बनाने के लिये अभियान चलाकर टीबी की जांच होगी तथा कुपोषित महिलाओं एवं बच्चों आदि का भी उचित उपचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहित करने की दृष्टि से वे भी टीबी से पीड़ित बच्चों को गोद लेंगी तथा अन्य लोग भी ऐसा कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में कार्यरत रूपये 5 लाख वार्षिक से कम आय वाले कर्मचारियों को 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के अंतर्गत कार्ड बनाकर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाएं, बच्चे और सभी कुपोषण मुक्त हों, इसके लिये पूरे प्रदेश में अभियान चलाने की आवश्यकता है। 
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को वैश्विक मान्यता दिलाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया है। राजभवन में नियमित रूप से योग करने के लिये प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करें तथा महिलाओं के लिये महिला योगाचार्य की व्यवस्था होनी चाहिए। बच्चों एवं महिलाओं की रूचि के अनुसार उन्हें गायन एवं चित्रकला का प्रशिक्षण दिया जायेगा। राजभवन मध्य प्रदेश के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे छोटे-छोटे स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आय के स्रोत बढ़ाये जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश राजभवन की महिलाओं ने अच्छी राखियाँ बनाई हैं जिनमें उन्होंने 400 राखियाँ खरीदी हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तिगत विकास के लिये उनकी रूचि को प्रोत्साहित करें। हर बच्चे में अलग तरह की विशेषता होती है। अभिभावक उस विशेषता को पहचान कर बच्चों को अवसर उपलब्ध करायें।
श्रीमती पटेल ने कहा कि राजभवन में 'ओपन जिम' की व्यवस्था की जायेगी तथा आगामी 29 अगस्त को राष्टी्रय खेल दिवस के अवसर पर राजभवन में बच्चों के लिये खेल प्रतियोगिता कराई जायेगी। विजेता बच्चे राज्यपाल के हाथों प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे। इसके लिये शीघ्र योजना बनाकर पंजीकरण कराया जायेगा। राज्यपाल ने कहा कि स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। राज्यपाल ने कहा कि वे स्वयं राजभवन परिसर का भ्रमण करेंगी तथा अध्यासियों से बात करके उनकी सुविधा का भी ध्यान रखेंगी। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में राजभवन मध्य प्रदेश में 84 नये मकान उनकी सलाह पर बन रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिये राजभवन में ऐसे लोगों को आमंत्रित किया जायेगा जो किसी विषय के विशेषज्ञ हां और उन्होंने सफलता अर्जित की हो। इससे नई उम्र के बच्चे प्रेरणा प्राप्त करके आगे बढेंगे। राज्यपाल के परिसहाय मेजर जगमीत सिंह की पत्नी फ्ला0लेफि0 रमनदीप कौर ने उपस्थित बच्चों एवं विद्यार्थियों को अपने बारे में बताया कि कैसे उन्होंने पढ़ाई की तथा अपने माता-पिता के सपने साकार किये। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने का रास्ता माता-पिता के सपने से मिलता है।


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