अखिलेश यादव के नेतृत्व में राजनीतिक परिवर्तन की राह पर उत्तर प्रदेश

राजेन्द्र चौधरी  
भाजपा सरकार के प्रदेश की सत्ता में आने के बाद से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री तथा लोकसभा सदस्य मोहम्मद आजम खां के खिलाफ बदले की भावना से तमाम फर्जी मुकदमें दर्ज कर उन्हें अपमानित करने की साजिशें चल रही है। मोहम्मद आजम खां ने रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना की, गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोला, उर्दू गेट बनवाया यह सब भाजपा की नजरों में खटकता हैं। जब भाजपा सरकार के जुल्म की हद हो गई तो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने स्वयं अन्याय के खिलाफ न्याय और असत्य की जगह सत्य की लड़ाई में हस्तक्षेप करने का इरादा किया।
13 सितम्बर 2019 को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की लखनऊ से बरेली-रामपुर तक की यात्रा में 10 घंटे से ज्यादा समय लगा। तीन दिन में वे कुल एक हजार कि.मी. यात्रा में आधा दर्जन जनपदों का दौरा किया। 13 सितम्बर से 15 सितम्बर 2019 की इस यात्रा में सैकड़ों जगह पर उनका भव्य स्वागत किया गया। बड़ी तादाद में पार्टी कार्यकर्ता उनके कारवां के साथी थे तो बरेली-रामपुर में स्थानीय लोगों में भी श्री अखिलेश यादव को देखने-सुनने की इतनी उत्सुकता और उत्साह था कि लोग देर रात तक जमे रहे। तड़के भोर में भी लोग उनके विश्राम स्थल पर इकट्ठे हो गये। इससे जाहिर है कि लोग अखिलेश जी को आशाभरी निगाहों से निहार रहे हैं। भाजपा से त्रस्त जनता को दूसरा विकल्प नज़र नहीं आता है। इस यात्रा से प्रदेश की राजनीति में बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
लखनऊ के अपने निवास स्थल से निकलते ही उनके जिंदाबाद के नारों के साथ 13 सितम्बर 2019 को जोश में भरे तमाम पार्टी कार्यकर्ता उनके पीछे चल पड़े। कारों का एक बड़ा काफिला साथ चला। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेन्द्र चौधरी भी उनके साथ थे। लखनऊ की सीमा में ही दर्जन भर स्थानों पर उनका स्वागत हुआ। बख्शी का तालाब पर सर्वश्री गोमती यादव पूर्व विधायक, अशोक यादव तथा वरिष्ठ नेता मुकेश शुक्ल, विजय सिंह, रामसागर यादव, विदेश पाल हजारों साथियों के साथ स्वागत करते दिखाई दिए। लखनऊ से बाहर निकलते ही अटरिया टोल पर विधायक नरेन्द्र वर्मा, सिधौली में पूर्व विधायक मनीष रावत, कमलापुर में छात्रसभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव, कमलापुर में ही अफजाल कौसर के साथ बड़ी संख्या में नौजवान जोशीले नारों के साथ नारे लगा रहे थे। श्री अखिलेश यादव ने रूककर उनका स्वागत स्वीकार किया।
अखिलेश जी का काफिला जब सीतापुर पहुंचा तो वहां पूर्व राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी, पूर्व विधायक बिसवां निर्मल वर्मा तथा प्रदेश अध्यक्ष महिलासभा श्रीमती गीता सिंह ने उनका भव्य स्वागत किया। महौली तहसील में पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने फूलों की वर्षाकर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया। महिलाएं भी यहां बड़ी संख्या में थी। यहां मोनू दीक्षित भी स्वागतकर्ताओं में थे। सीतापुर बाईपास के पार एलेसिया पार्क में आनन्द भदौरिया, एम.एल.सी. हजारों लोगों के साथ स्वागत में खड़े थे। उनके साथ सुनील सिंह 'साजन', उदयवीर सिंह, राजेश यादव एम.एल.सी.गण भी थे।
लखीमपुर खीरी सीमा पर पहुंचते ही एम.एल.सी. शशांक यादव और पूर्व विधायकगण आर.ए.उस्मानी, सुनील लाल, उत्कर्ष वर्मा के साथ उपस्थित बड़ी तादाद में श्रेत्रीय लोगों ने उनका स्वागत किया।
शाहजहांपुर बार्डर पर एम.एल.सी. अमित यादव, तनवीर अहमद खां तथा विधायक स्वागत में खड़े मिले तो जमुका दोराहा और रोजा नगर पंचायत, कोसर कोठी तथा एक होटल पर भी स्वागत हुआ। तिलहर बाईपास पर डॉ0 जमील अहमद के साथी 'अखिलेश का टेम्पो हाई है' का नारा लगा रहे थे। वहीं मेट्रो अस्पताल के सामने भारी संख्या में स्वागती थे। यहां पेश हमाम जनाब फारूख शेख ने श्री यादव का स्वागत किया। कटरा में राजेश यादव पूर्व विधायक, एम.एल.सी. महबूब अली पूर्व मंत्री के सुपुत्र परेवज ने भी जोरदार स्वागत किया।
शाहजहांपुर-बरेली सीमा पर भी सैकड़ों लोग श्री अखिलेश यादव के आने का इंतजार कर रहे थे। ग्राम मेवापट्टी (फरीदपुर) और फतेहगंज पूर्वी में पूर्व सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव की उपस्थिति ने जोश भरा माहौल पैदा कर दिया था। फरीदपुर से पहले दो स्थानों पर स्वगात करने वालों में छोटे-छोटे बच्चे भी बड़ी तादाद में दिखाई दिए।
बरेली में फरीदपुर के गांव मिरधान में श्री अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक स्व0 सियाराम सागर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके बेटे विशाल सागर एवं परिजनों से मिलकर संवेदना प्रकट की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में श्री यादव के साथ पूर्व सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव तथा विधानसभा में नेता विरोधी दल श्री रामगोविन्द चौधरी एवं अताउर्रहमान, महिपाल सिंह आदि मौजूद थे।
हैरत की बात है कि गड्ढ़ा मुक्त सड़क का दावा करने वाली भाजपा की राज्य सरकार में सीतापुर से बरेली तक सड़क बड़ी बुरी स्थिति में है। श्री अखिलेश यादव ने पूछा पांच वर्ष में केन्द्र सरकार ने इस एन.एच.-1 सड़क पर क्या किया? उन्होंने कहा यहां नौजवान के हाथ में मोबाइल तो है पर हाथ में रोजगार नहीं है। भाजपा राज में जाली नोट, भ्रष्टाचार और काला धन ही चल रहे हैं।
बरेली बाईपास पर पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, शुभलेश यादव के साथ स्वागत में गुड्डू शर्मा, गोकर्ण यादव खड़े थे। उनके साथ शहजिल इस्लाम, सुल्तान बेग, सूरज यादव, सत्येन्द्र यादव ने भी स्वागत किया। स्वार टांडा से विधायक अब्दुल्ला आजम भी यहां से श्री अखिलेश यादव के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गये। रामपुर में श्री सरफराज खां, अखिलेश, हासिम राजा, शफीकुर्रहमान बर्क एवं एस.टी. हसन सांसद, नवाब इकबाल, स्वामी ओमवेश, मुफ्ती रामपुर मौलाना महबूब, खुशनूद मिया शहर काजी, फरीद किदवई, मूलचंद चैहान आदि ने स्वागत किया।
बरेली में खुसरों पीजी कालेज, सीबीगंज में श्री शहजिल इस्लाम ने श्री अखिलेश यादव का स्वागत किया। रहमान गेट सीबीगंज में मस्जिद, महेशपुर के अलावा किला बरेली में श्री शमीम खां सुल्तानी तमाम साथियों के साथ स्वागत में मिले। सिटी स्टेशन, बरेली पर नौजवानों, महिलाओं की भारी भीड़ ने जिंदाबाद के नारों से उनका स्वागत किया। बरेली में कूड़ाघर खुला था जिस पर एक दर्जन गायें प्लास्टिक खाती दिखाई दी। श्री अखिलेश जी यह देखकर बहुत दुःखी हुए। बरेली के सर्किट हाउस में 14 सितम्बर 2019 की रात्रि विश्राम के दौरान देर शाम तक तथा 15 सितम्बर 2019 को दापेहर तक हजारों कार्यकर्ताओं से मिले। सिखों ने उन्हें सरोपा भेंट किया। बरेली के सर्किट हाउस में सैथल गांव के दिव्यांग अयाज हैदर ने अखिलेश जी से मुलाकात की। वह जीभ से फेसबुक चलाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का प्रचार करता है। बरेली सर्किट हाउस में प्रोफेसर, एडवोकेट, व्यापारियों और छात्रनेताओं ने भेंटकर अखिलेश यादव जी को भरोसा दिलाया कि वे 2022 में उनके नेतृत्व में समाजवादी सरकार लाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
अखिलेश यादव ने आंवला क्षेत्र के पथरी गांव के एक किसान कुंवरपाल मौर्य द्वारा कर्ज न चुकाये जाने के कारण आत्महत्या किए जाने पर उनकी पत्नी श्रीमती हरदेई मौर्य को 15.09.2019 को बरेली सर्किट हाउस में रूपया 50 हजार तत्काल दिया तथा उन्होंने समाजवादी पार्टी की ओर से दो लाख रूपये दिये जाने का आश्वासन दिया। श्री यादव ने सरकार से 20 लाख रूपए दिये जाने की मांग भी की है।
अखिलेश यादव ने लखनऊ से बरेली होते हुए रामपुर और फिर वापसी में सड़क यात्रा में जो दृश्य देखे उससे वे काफी विचलित भी हुए। सीतापुर से बरेली तक की सड़क की दशा तो खराब थी ही पीलीभीत रोड की हालत और खराब दिखाई दी। शाहजहांपुर में भी यहीं हालत रही। इन्हें चारलेन सड़क भी नहीं बनाया गया अखिलेश जी की प्रतिक्रिया थी कि अब तो समाजवादी सरकार बनने पर ही इन सड़कों की दशा सुधर सकेगी।
रामपुर में तनिक विश्राम के बाद ही श्री अखिलेष यादव ने विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधिमण्डलों के कार्यकर्ताओं और धर्मगुरूओं से भेंट की। वे सांसद मोहम्मद आजम खां के घर भी गए तथा जौहर विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। श्री यादव ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री आजम खां के खिलाफ लगाए गए तमाम फर्जी मुकदमों पर रोष जताया और उन्हें न्याय दिलाने में पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री यादव के रामपुर दौरे से समाजवादी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने में आया और भाजपा सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे अन्याय के प्रतिरोध का जज्बा भी उभरते सामने आया। रामपुर से वापसी में बरेली में गांव लबहेड़ा में नजाकत खां ने अपने साथियों के साथ श्री अखिलेश यादव का स्वागत किया।
पीलीभीत रोड पर नवाबगंज बरेली में सरदार पटेल चैराहे पर ग्राम प्रधान देवदत्त गंगवार ने और बार्डर पर पूर्वमंत्री हाजी रियाज अहमद ने स्वागत किया। देवदत्त गंगवार ग्राम प्रधान पर झूठे मुकदमें लगाने की शिकायत भी की गई। कुछ दूरी पर पूर्व विधायक हेमराज ने भी स्वागत किया। पूरनपुर चैराहे पर हाजी मजले और मुन्ने मियां अनजाना ने स्वागत किया तथा डॉ0 राममनोहर लोहिया गेट पर स्वागत किया।  
पीलीभीत जनपद में जादोपुर में लोहिया में प्रधान ऐसीनुलरहमान, इमदाद हुसैन, पूरनपुर में नादिर रजा बरकाती और हाजी रफीक, अब्दुल रहमान, के.के. अरविन्द, पप्पू शाह, रामदेव महाराज आदि बड़ी संख्या में लोगों के साथ स्वागत में उपस्थित थे। लौटते हुए पूर्व विधायक सीतापुर राधेश्याम जायसवाल ने हाईवे सीतापुर पर जोरदार स्वागत किया।
पीलीभीत में राजकीय इंटर कालेज का जीर्णोद्धार समाजवादी सरकार के समय ही हुआ था। नदी देवा खखरा गर्रा यहां घाघरा नदी में मिलती है। नेपाल से बरसात में पानी आने से गांव के गांव बर्बाद हो जाते हैं। पीलीभीत की मुख्य फसल धान और गन्ना है। खुटार आने से पहले जनपद शाहजहांपुर की सीमा प्रारम्भ होते ही धान के लहलहाते खेत दिखाई पड़ते हैं। समाजवादी सरकार ने यहां डबललैन सड़क बनवाई थी। उसके पहले यहां सड़क बहुत खराब थी।
खुटार आने से पहले जनपद शाहजहांपुर की सीमा प्रारम्भ होते ही वन क्षेत्र शुरू हो जाता है। लखीमपुर खीरी के रास्ते में भी घना वन क्षेत्र है। यहां शाल के लम्बे-लम्बे वृ़क्ष है। यहां टाईगर भी पाए जाते हैं। यह जंगल नेपाल तक जाता है। रास्ते में रायल किंगडम रिसार्ट भी है। यहीं गांव पिपरिया संतोष बाइफरकेशन पर स्थित माधौटांडा में बंजारा समुदाय के लोग रहते हैं। यहीं एक तालाब से गोमती नदी का उद्गम हुआ है। यही गोमती नदी गाजीपुर सैदपुर में गंगा में गिरती है। यह लखनऊ होकर जाती है। यह वही गोमती नदी है जिस पर श्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में रिवरफ्रंट बनाकर नदियों की पवित्रता के प्रति सरकारों की नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया था ताकि नदियों के किनारे मानव सभ्यता के विकास से जन सामान्य का परिचय जीवित रह सके।
 खुटार मुरादनगर में अब्दुल कादिर खां ने सैकड़ों लोगों के साथ श्री अखिलेश यादव का स्वागत किया। चैराहा भरिगवां, चैराहा गोला के पहले ग्राम प्रधान अरविन्द यादव, संसारपुर में एम.एल.सी. शशांक यादव, गोला के पहले अहमदनगर में ग्रामीण नौजवान स्वागत के लिए एकत्र थे। गोला में अशोक स्तम्भ के पास तो जैसे पूरा शहर उमड़ आया था। यहां विनय तिवारी, आकाश लाला, पूर्व विधायक उत्कर्ष ने स्वागत किया। सिकंदराबाद (खीरी) में गड़रवां चैराहा (खीरी) में रामशरण भार्गव, कस्ता (खीरी) में सुनील लाल भार्गव शहादत नगर (महौली) सीतापुर में पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, कचनार में पूर्व विधायक राधेश्याम तथा विधायक आनन्द भदौरिया ने भव्य स्वागत किया। ललौली खेड़ा में प्रदीप सोनकर ने स्वागत किया। लौटते हुए पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ने सीतापुर हाईवे पर जोरदार स्वागत किया।
तीन दिन के दौरे से लौटते हुए सीतापुर बाईपास पर सड़क के दोनों ओर भूखी-प्यासी निढाल बैठी सैकड़ों गायों को देखते हुए अखिलेश यादव बहुत ही व्यथित हुए और कहा कि क्या भाजपा सरकार की यही गौमाता की सेवा है? उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल से जनता उकता गई हैं। भाजपा की जनविरोधी कारगुजारियों के कारण राज्य की जनता तबाह हो गई है।
अखिलेश यादव की प्राथमिक चिंता विकास के साथ किसानों और नौजवानों के हालात में सुधार की रहती है। वे इनके प्रति भाजपा की गलत नीतियों और प्रशासकीय लापरवाही से दुःखी और क्षुब्ध होते हैं। जनता अखिलेश में अपना भविष्य देखती है। नौजवानों के वे प्रेरणा पुरूष हैं। समाजवादी सरकार में अखिलेश यादव जनता की कसौटी पर खरे उतरे है। श्री अखिलेश यादव के प्रति जनविश्वास का ही नतीजा है कि इस यात्रा में लाखों स्त्री-पुरूष, नौजवान, किसान श्री अखिलेश यादव से सम्पर्क करने के लिए उमड़ पडे़। समाजवादी सरकार में हुए विकासकार्यों को लेकर अखिलेश जी के प्रति जनता में आज भी भरोसा कायम है।


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