महिलाओं को स्वास्थ्य के साथ सुरक्षा पर भी किया गया जागरुक

गोण्डा।


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत सोमवार को जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सम्पूर्ण जाँच हेतु शिविर आयोजित की गयी, जिसमें करीब 90 गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव-पूर्व) जाँच की गयी तथा 14 गर्भवती महिलायें एचआरपी (उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था) की चिन्हित की गयीं। इसके अलावा शिविर में महिला पुलिस अधिकारी व आरक्षियों की भी उपस्थिति रही। उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा व अन्य तरह के परिस्थितियों से निपटने तथा सुरक्षा के विभिन्न बिन्दुओं के बारे में जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 ए0पी0 मिश्रा ने मातृत्व दिवस पर महिलाओं को उत्तम स्वास्थ्य व सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की शुरुआत की। इसमें उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख शिविर में महिला पुलिस अधिकारी व अन्य पुलिस कर्मियों की सहभागिता सुनिश्चित करवाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने हेतु विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है तथा पहले की अपेक्षा मातृत्व स्वास्थ्य आंकड़ों में सुधार भी हुआ है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा एवं महिला हिंसा वर्तमान समाज की एक गंभीर समस्या है। महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा से विभिन्न शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणाम समाज में जन्म ले रहे हैं तथा महिलायें लगातार अपने अधिकारों और हितों से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने बताया कि यदि समुदाय में महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के प्रति भी जागरुकता आ जाए, तो सरकार द्वारा चलाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और भी अधिक सफल हो जाए। शिविर में आई गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाँच महिला रोग विशेषज्ञ डॉ0 ललिता केरकट्टा व डॉ0 दीपमाला की ने की।
इस दौरान महिलाओं की समस्त पैथालाजी जांच, अल्ट्रासाउंड, वजन, ब्लड-प्रेशर व पेट की जाँच की गयी तथा दवा वितरण किया गया। महिलाओं को खून की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार और आयरन के टेबलेट नियमित रूप से लेने की सलाह दी गई। गर्भवती महिलाओं को निर्धारित समय पर जांच कराने, संस्थागत प्रसव, गर्भावस्था के दौरान होने वाले खतरे के गंभीर लक्षणों, परिवार नियोजन, वाहन सुविधा तथा जननी शिशु सुरक्षा योजना की जानकारी दी गई, साथ ही साथ महिला पुलिस अधिकारी व आरक्षियों ने वहां उपस्थित महिलाओं को उनकी आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सिखाये तथा उन्होंने शिविर को सुनियोजित तरीके से सफल बनाने में भी अहम भूमिका निभाई।
इस मौके पर हॉस्पिटल मैनेजर डॉ0 वेद प्रकाश व नर्स मेंटर शिखा सिंह कुशवाहा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


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