राज्य खाद्य आयोग ने खाद्यान्न गोदाम और प्राथमिक विद्यालय का किया औचक निरीक्षण

उन्नाव।


उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सदस्य डॉ0 डी0सी0 मिश्रा ने गत दिवस उन्नाव में खाद्यान्न गोदामों, उचित दर की दुकानों, बाल प्राथमिक विद्यालय तथा आंगनवाड़ी केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अनेक अनियमितताएं पाए जाने पर कहा कि सरकार खाद्यान्न वितरण और प्राथमिक स्कूलों के बेहतर व्यवस्था के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। अधिकारियों को भी जनहित से जुड़े मामलें पर गम्भीरतापूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने हेतु सम्बंधित अधिकारियों से उचित कदम उठाने के लिए भी कहा। 
डॉ0 मिश्रा ने खाद्यान्न गोदाम नवाबगंज के निरीक्षण के दौरान पाया कि गोदाम पर स्टाक/रेट बोर्ड का प्रदर्शन नहीं किया गया था। कोई भी उचित दर विक्रेता तिथि होने पर भी गोदाम पर खाद्यान्न उठान करने नहीं आया था। गोदाम पर रोस्टर का अनुपालन भी नहीं किया जा रहा था, जिसके लिए गोदाम प्रभारी राधेश्याम को पूर्ण रूप से उत्तरदायी माना गया।
डॉ0 मिश्रा ने खाद्यान्न गोदाम बिछिया के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान पाया कि गोदाम पर रेटबोर्ड नहीं था। रोस्टर का पालन नहीं किया जा रहा था। किसी भी उचित दर विक्रेता को खाद्यान्न तौल के नहीं दिया जाता है और न ही बोरों के वजन की मात्रा 585 ग्राम का लाभ किसी उचित दर विक्रेता को दिया जा रहा है। इसके साथ ही गोदाम बहुत ही गन्दी अवस्था में है। बरसात होने के कारण गोदाम पर खाद्यान्न के सड़ने की गन्ध आ रही थी इतनी भयंकर दुर्गन्ध में उचित दर विक्रेताओं का खड़ा रहना आश्चर्य की बात है, जिसके लिए जिम्मेदार लोगों/गोदाम प्रभारी का उत्तरदायित्व निर्धारित होना चाहिए। गोदाम के बारे में भी गम्भीर शिकायतें मिली। गोदाम प्रभारी पुरूषोत्तम सिंह का कार्य और व्यवहार उचित नहीं पाया गया। उचित दर विक्रेताओं को दिये जा रहे खाद्यान्न की मात्रा भी ठीक नहीं पाई गयी।
डॉ0 मिश्रा ने बाल प्राथमिक विद्यालय नवाबगंज का भी निरीक्षण किया। बाल विद्यालय में पंजीकृत 121 बच्चों के सापेक्ष 75 बच्चे ही उपस्थित पाये गये। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय चमरौली प्रथम (नवाबगंज) में भी निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय में पंजीकृत 125 के सापेक्ष 96 बच्चे ही उपस्थित हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्र चमरौली का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र बन्द पाया गया। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने अवगत कराया कि पुष्टाहार वितरण के सम्बंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जाती है और उनसे न ही प्रमाणन/सत्यापन ही कराया जाता है।
आयोग के सदस्य डॉ0 मिश्रा ने चमरौली स्थित उचित दर की दुकान के आकस्मिक निरीक्षण में पाया कि स्टाक रजिस्टर के अनुसार वस्तुओं का अंकन नहीं किया जाता है। भौतिक सत्यापन में गेहूं व चावल कम पाया गया। अन्त में उन्होंने ग्राम विछिया स्थित उचित दर की दुकान का भी निरीक्षण किया। इस दुकान में भी कई अनियमितताएं पाई गई। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों से तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने की अपेक्षा की।
निरीक्षणों के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ, राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम में जिला प्रबन्धन अवधेश शुक्ला और पूर्ति निरीक्षक संजीव मिश्रा भी उपस्थित रहे।


 


Popular posts from this blog

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन

भारत विदेश नीति के कारण वैश्विक शक्ति बनेगा।

बांसडीह में जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर दर्जनों लोगों ने एसडीएम को सौपा ज्ञापन