समस्त जिला मजिस्ट्रेट,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक को शस्त्र लाइसेंसो के भौतिक सत्यापन हेतु निर्देश

शस्त्र लाइसेंसो के भौतिक सत्यापन हेतु समयबद्व अभियान
 अपर मुख्य सचिव, गृह
लखनऊ
उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देषों के अनुपालन के क्रम में शासन द्वारा प्रदेष की आन्तरिक सुरक्षा के दृष्टिगत व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस धारकों के शस्त्रों एवं उनके द्वारा क्रय एवं प्रयुक्त किये गये कारतूसों के भौतिक सत्यापन के संबंध में निर्देष प्रदान किये गये है।
 अपर मुख्य सचिव, गृह श्री अवनीष कुमार अवस्थी ने आज यहां बताया कि प्रदेष में हर्ष फायरिंग की रोकथाम हेतु, तथ्यों को छिपाकर या फर्जी ढंग से शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने वालों, कारतूस प्राप्त करने के बदले शस्त्र व्यावसायिक डीलर्स को 80 प्रतिषत खोखे जमा न करने वाले व आयुध नियम के प्राविधानों का पूर्ण ढंग से अनुपालन न करने वाले व्यक्तियों के संबंध में पूर्व में जारी परिपत्रों के निर्देशों के अनुपालन हेतु समस्त जिला मजिस्ट्रेट/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को शस्त्रों के भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये गये हैं।
निर्देषों में कहा गया है कि समस्त जिला मजिस्ट्रेट 20 सितम्बर, 2019 से 20 अक्टूबर, 2019 के मध्य आवष्यक रूप से अभियान चलाकर अपर जिला मजिस्ट्रेट, सिटी मजिस्ट्रेट, प्रभारी अधिकारी (षस्त्र) जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में रक्षित पत्रावलियों एवं एनडीएएल एलिस पोर्टल पर दर्ज शस्त्र के यू0आई0एन0 के अनुसार मिलान कर यह सुनिष्चित कराये कि बिना वैध पत्रावलियों और वैध हस्ताक्षर एवं वैध स्वीकृति के बिना कोई शस्त्र लाइसेंस तो निर्गत नही किया गया है। उन्होंने कहा कि समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक आगामी 21 अक्टूबर, 2019 से 21 नवम्बर, 2019 तक आवष्यक प से अपने जनपद के समस्त थानाध्यक्ष/थाना प्रभारियों के माध्यम से थानों में रक्षित रजिस्टरों का मिलान जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र अनुभाग के रजिस्टरों के अनुसार कराया जाना सुनिष्चित करंे।
श्री अवस्थी ने कहा कि चेकलिस्ट के अनुसार अनुज्ञप्ति धारकों के शस्त्र लाइसेंस, शस्त्र एवं कारतूस का भौतिक सत्यापन जनपद में स्थित पुलिस लाइन में सिटी मजिस्ट्रेट, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, प्रतिसार निरीक्षक एवं आरमोरर की टीम की देखरेख में आगामी 25 नवम्बर 2019 से 31 दिसम्बर 2019 के मध्य थानावार, दिवसवार रोस्टर के अनुसार थानाध्यक्षों के माध्यम से आवष्यक रूप से करा लिया जाय। भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत की जाए। कोई भी व्यक्ति अपने लाइसेंसी शस्त्र का उपयोग अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के अतिरिक्त अन्य किसी उद्देश्य से दुरूपयोग करते हुए पाया जाये, तो उसके विरूद्ध लाइसेंस की शर्त के उल्लंघन के आरोप में आयुध अधिनियम 1959 के प्रावधानों के अधीन कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होेंने कहा कि आदेषों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए तथा यह सुनिष्चित किया जाय कि भौतिक सत्यापन के समय सम्भ्रांत एवं अन्य लाइसेंस धारकों की प्रतिष्ठा एवं गरिमा का भी ध्यान रखा जाए। किसी तरह से कानून व्यवस्था की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न होने पाये।


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