दुष्कर्म पीड़िता ने दी झूठी गवाही, आरोपी हुए बरी

एफटीसी कोर्ट ने पीड़िता पर केस चलाने का दिया आदेश
सुल्तानपुर।

नल पर पानी भरने निकली किशोरी को भगा ले जाने एवं उसके साथ दुष्कर्म के मामले में एफटीसी प्रथम की अदालत ने आरोपी व सहआरोपी महिला को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सत्र न्यायाधीश पूनम सिंह की अदालत ने झूठी गवाही देने वाली पीड़िता के खिलाफ केस चलाने का आदेश दिया है।
मामला बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के सत्थिन गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले बृजेश यादव के खिलाफ अभियोगिनी ने वर्ष 2013 की घटना बताते हुए अपनी 15 वर्षीय पुत्री को हैंडपंप पर पानी भरने गए होने के दौरान बहलाकर भगा ले जाने एवं उसके साथ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में गंगा देई को भगाने में सहयोग करने का आरोपी बताया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ और एफटीसी प्रथम की अदालत में विचारण चला। विचारण के दौरान उभय पक्षो ने अपने-अपने साक्ष्यो एवं तर्को को पेश किया। विचारण के दौरान पीड़िता आरोपियो के खिलाफ सही गवाही देने से ही मुकर गई। नतीजतन आरोपियों पर लगा आरोप ही साबित नही हो सका। उभय पक्षो को सुनने पश्चात न्यायाधीश पूनम सिंह ने साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं अदालत ने मिथ्या साक्ष्य पेश करने वाली पीड़िता के खिलाफ केस चलाने का आदेश दिया है।


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