ईवीएम के द्वारा बाहर आएगी जनता की नाराज़गी : बसपा प्रत्याशी

लखनऊ।


उत्तर प्रदेश के 11 विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव में 21 अक्टूबर को मतदान होना है। इन 11 विधानसभा क्षेत्रों में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैण्ट विधानसभा को एक वीआईपी सीट माना जाता है। इस सीट से बहुजन समाज पार्टी ने अरुण द्विवेदी को चुनावी मैदान में उतारा है। द्विवेदी पूरी शिद्दत के साथ पदयात्राओं, चौपालों, बैठकों के द्वारा चुनावी मैदान में हैं।
अपने चुनावी अभियान की गति से संतुष्ट और आत्मविश्वास से भरे श्री दिवेदी ने आईपीएन से बातचीत में कहा कि पार्टी काडर और पार्टी नेता जी जान से जुटे हुए हैं और उनको पूरा विश्वास कि प्रदेश की सरकार और भाजपा से उनकी पार्टी मज़बूती से लड़ेगी। क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जब उनसे बात की गयी तो श्री द्विवेदी ने कहा यह निर्वाचन क्षेत्र दो हिस्सों में बंटा है, एक क्षेत्र कैंटोन्मेंट का है जो हरा भरा और सुविधाओं से भरपूर है जबकि दूसरा हिस्सा ऐसा है जहाँ समस्याओं का अम्बार है, क्षेत्र के बड़े हिस्से में सीवर लाइन तक नहीं है, टूटी बजबजाती नालियां, हादसे को दावत देती टूटी फूटी सड़कें, थोड़ी सी भी बारिश में जलभराव होना मामूली बात है।
विकास से जुडे़ सवाल पर श्री द्विवेदी ने कहा कि विकास का अनुमान आप इस बात से लगा लीजिये कि लखनऊ में डेंगू की शुरुआत इसी विधानसभा क्षेत्र से होती है। उन्होंने वादा किया कि जीत के बाद मेरी पहली प्राथमिकता सीवर लाइन डलवाने की होगी।
योगी सरकार के कामकाज पर बात करते हुए श्री द्विवेदी ने कहा कि क्षेत्र की जनता सरकार से बहुत नाराज़ है और यह नाराज़गी ईवीएम के द्वारा बाहर आएगी। उन्होंने कहा कि इस सरकार का तो भगवान् ही मालिक है। अपराध खत्म करने, क़ानून व्यवस्था सुधारने के नाम पर सत्ता में आयी इस सरकार ने प्रदेश को अपराध प्रदेश बना दिया है। आज जनता बहन मायावती के शासन को याद कर रही है और उन्हें सत्ता में फिर देखना चाहती है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व इस सीट से रीता बहुगुणा जोशी विधायक थी जिनके भाजपा सांसद बनने के बाद यह सीट रिक्त हुई है।


Popular posts from this blog

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन

भारत विदेश नीति के कारण वैश्विक शक्ति बनेगा।

बांसडीह में जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर दर्जनों लोगों ने एसडीएम को सौपा ज्ञापन