कांजी हाउसों में कम पशु रखे जाने पर अपर मुख्य अधिकारी का वेतन रोकने के दिए निर्देश

गोण्डा।


आयुक्त देवीपाटन मण्डल महेन्द्र कुमार ने वृहद गौ संरक्षण केन्द्रों, गौवंश आश्रय स्थलों, कांजी हाउसों तथा गौवंशों की सुपुर्दगी की स्थिति की मण्डलीय समीक्षा बैठक में पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आबादी क्षेत्र की सड़कों पर छृट््टा घूम रहे गौवंश के लिए उपलब्ध खाली जमीनों का उपयोग कर गौ आश्रय स्थलों का निर्माण शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण कराएं ताकि सड़क पर छुट््टा पशुओं के कारण दुर्घटना न होने पावे। उन्होंने कहा है कि विभाग जमीन चिन्हित करने और पत्राचार में न उलझ कर उपलब्ध खाली जमीनों का उपयोग करते हुए गौ आश्रय स्थलों का निर्माण जिला पंचायतराज अधिकारी, ग्राम प्रधान व सचिव इसे अपना काम समझकर मिशन के साथ पूर्ण कराकर उनमें अधिक से अधिक गौ वंश रखवाने में अपना योगदान दें।
आयुक्त ने जनपद गोण्डा में कांजी हाउसों में कम पशु रखे जाने पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत के प्रति नाराजगी व्यक्त की और मुख्य विकास अधिकारी गोण्डा को इनका वेतन रेकने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन के इस महत्वपूर्ण योजना में मदद न करने पर इनके विरूद्ध शासन को पत्र भेजा जाय तथा अध्यक्ष जिला पंचायत को भी सूचित किया जाय। उन्होंने दूध निकालने के बाद गोवंशों को छुट््टा छोड़ देने की प्रवृृत्ति पर रोक लगाने हेतु ग्राम प्रधानों से अपेक्षा की है कि वे ऐसे लोगों पर निगाह रखकर कार्यवाही कराएं तथा सम्बन्धित अधिकारी इसे चुनौती के रूप में लें।
बैठक में अवगत कराया गया कि सड़कों के किनारे गांव में गौ आश्रय स्थलों के निर्माण में जनपद बहराइच में तेजी से कार्य हो रहा है। और लगभग सौ की संख्या में गौ आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। आयुक्त ने गोण्डा, बलरामपुर और श्रावस्ती में भी कार्यो में तेजी लाकर अधिक से अधिक गौ आश्रय स्थल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद बलरामपुर में वृहद गो संरक्षण केन्द्रों में पशुओं की संख्या बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सीडीओ गोण्डा आशीष कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त देवीपाटन मण्डल अनिल कुमार पाण्डेय, उपनिदेशक पंचायत देवीपाटन मण्डल, उपनिदेशक पशुपालन, चारों जनपदों के अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।


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