वामपंथी दलों ने सरकार पर लगाये गम्भीर आरोप

फतेहपुर।


भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी पार्टी की जिला इकाई ने आज नहर कॉलोनी में आमरण अनशन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए बताया कि सरकार की जन विरोधी व पूंजी परस्त नीतियों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यंत गंभीर संकट में है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की कीमत अत्यंत गिर गई है।
सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के आरक्षित कोच से 176000 करोड़ रुपए ले लिया है और व्यवस्था बदहाल वापिस लो डाउन की शिकार है। सभी क्षेत्रों में मांग में कमी आ गई है। जिससे उत्पादन में कटौती की जा रही है। इसी वजह से बड़े पैमाने पर रोजगार खत्म हो रहे हैं यहां तक कि ऑटोमोबाइल वर्क, टैक्सटाइल्स बिक्री भी घट गई है। लाखों लोग बेरोजगारी के शिकार हो गए हैं। देश एक राजनैतिक आर्थिक व सामाजिक संकट में फंसा है। चीन की घटनाओं से देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई हैं। सरकार पूंजीपति वर्ग को एक के बाद एक सहूलियतें दे रही है। कारपोरेट टैक्स को घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में वामपंथी पार्टियों द्वारा अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत आज राष्ट्रपति को सम्बोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। इस मौके पर जगरूप भार्गव, चिरौंजी लाल, जगदेव, बच्ची लाल, राम अवतार सिंह, मोतीलाल एड0, फूलचंद पाल, राम सजीवन सिंह, सुमेर सिंह, छोटे लाल कोरी, लेखपाल निषाद, जंग बहादुर सिंह, जगदेव सिंह, खुर्शीद अहमद, रामप्रकाश व आदि वामपंथी विचारधारा के लोग मौजूद रहे।


Popular posts from this blog

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन

भारत विदेश नीति के कारण वैश्विक शक्ति बनेगा।

मंत्र की उपयोगिता जांचें साधना से पहले