विधान सभा अध्यक्ष ने विशेष सत्र में सबको अवसर न दे पाने के लिए विधायकों से की क्षमा याचना

लखनऊ।


उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विधान सभा के विशेष सत्र को रचनात्मक, ध्येयसिद्व व उत्पादक बनाए जाने के लिए विधायकों को आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विधायकों को लिखे  व्यक्तिगत पत्र में कहा है कि उत्तर प्रदेश के विधायी सदन ऐतिहासिक बैठकां, संसदीय परम्पराओं के लिए प्रतिष्ठित रहे हैं, लेकिन इस बार दोनों सदनों ने नया इतिहास रचा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि विधायकों में अपनी बात कहने की होड़ रही है। समयाभाव में 150 सदस्य ही बोल सके है। सबको अवसर न दे पाने के लिए उन्होंने क्षमा याचना की है।
श्री दीक्षित ने ऐतिहासिक सत्र के विचार के लिए मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ को श्रेय देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरी रात बारबार सदन में आते रहे। यह तथ्य भी एक विशेष अवसर के रूप में याद किया जाएगा। श्री दीक्षित ने संसदीय कार्यमंत्री, सुरेश कुमार खन्ना के परिश्रम की प्रशंसा की। विधान परिषद में यही जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्होंने डा0 दिनेश शर्मा, उपमुख्यमंत्री की सराहना की। उन्होंने सभी मंत्रियों की सघन उपस्थिति की प्रशंसा की।
उन्होंने अथर्ववेद के काल सूक्त का उल्लेख किया ''काल रथ सक्रिय गतिशील रहता है। परिश्रमी, तपस्वी ही इस रथ पर चढ़ जाते है। वही इतिहास में स्थान पाते हैं। शेष लोग इतिहास कालचक्र को दूर से ही देख पाते हैं। काल क्षमा नहीं करता।''
श्री दीक्षित ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र विश्व संस्था है। उसके द्वारा स्थापित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रधानमंत्री मोदी पहले से ही सक्रिय है। योगी सरकार ने तमाम लक्ष्यों पर सफल काम किया है। मुख्यमंत्री ने सत्र में आगे की कार्रवाई के लिए तमाम समितियों का गठन कर विश्व संस्था से उ.प्र. का जुड़ाव किया है। महात्मा गांधी जयंती पर संपन्न यह भव्य और ऐतिहासिक आयोजन स्मरणीय रहेगा। उन्होंने विधान सभा के प्रमुख सचिव व सम्पूर्ण कार्यालय के प्रति भी आभार व्यक्त किया।  


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