विकास खण्ड स्तरीय किसान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन


उन्नाव 


जिलाधिकारी श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय के निर्देशन में कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अन्तर्गत विकास खण्ड स्तरीय किसान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन विकास खण्ड नवाबगंज परिसर में किया गया। किसान मेला का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मान्नीय श्री बृजेश रावत विधायक मोहान ने किया। किसान मेला में ब्लाक प्रमुख नवाबगंज श्री अरूण सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मेले मेे उप कृषि निदेशक उन्नाव, खण्ड विकास अधिकारी नवाबगंज, कृषि विज्ञान केन्द्र धौरा के वैज्ञानिक डा0 रमेश चन्द्र मौर्य एवं डा0 सुनील सिंह  श्री राजेश कुमार पशुचिकित्साधिकारी,  राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन  योजना के सलाहकार श्री गुलाब चन्द्र गुप्ता एवं आत्मा योजना के पूर्व उप परियोजना निदेशक श्री डी0पी0 सिंह उपस्थित रहें। किसान मेला में मान्नीय विधायक श्री बृजेश रावत जी ने कृषकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि किसान भाई राजकीय कृषि बीज भण्डार पर जाकर अपना पंजीकरण करायें और योजनाओं का लाभ उठायें। सरकार का संकल्प कृषकांे की आमदनी दुगनी करने का है। कृषक भाई खेती-किसानी के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन, बागवानी अवश्य करें। समर्थन मूल्य पर फसल की बिक्री हेतु अपना पंजीकरण करायंे। फसल अवशेष में आग न लगायंे उसे भूमि में ही जुताई कर मिला दें।
 ब्लाक प्रमुख श्री अरूण सिंह जी ने कृषकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी दिन रात हम किसानों की सेवा में तत्पर है आप लोग इन लोगों के सम्पर्क में रहकर कृषि से सम्बंधित योजनाओं का लाभ लीजिये। कृषि विभाग इस समय कृषकोपयोगी योजनाओं के माध्यम से खाद, बीज, कृषि यंत्र, सिंचाई के संयत्र आदि अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है।
कृषि विज्ञान केन्द्र धौरा के वैज्ञानिक डा0 रमेश चन्द्र मौर्य ने जीरो टिल सीड ड्रिल से गेहूॅ की बुवाई की विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि जहाॅ हम बुवाई से पहले चार से पाॅच जुताई करते है वहीं जीरो टिल सीड ड्रिल हम बिना जुताई के सीधे बुवाई कर सकते है जिससे हमारी फसलोत्पादन की लागत में भारी कमी और उत्पादन में वृद्वि होती है। वैज्ञानिक डा0 सुनील सिंह ने पशुपालन से सम्बंधित जानकारी देते हुये बताया कि किसान भाई अधिक-से-अधिक पशुपालन करें क्योंकि हमारे देश में दुग्ध उत्पादन 165 मिलियन टन  है और उपभोग 640 मिलियन टन है। इस अन्तर से यह प्रतीत होता है कि पशुपालन करके हम अपनी आमदनी को बढ़ा सकते है। उन्होने दुधारू पशु को 06 किलो भूसा के साथ 15 किलो हरा चारा मिलाकर खिलाने की सलाह दी। उन्होने कहा कि दुधारू पशु से प्राप्त दूध की मात्रा की आधी मात्रा में दाना खिलायें जिसमे खली, चोकर एवं मिनिरल मिक्चर भी दें।          
              उप कृषि निदेशक ने कृषकांे को सम्बोधित करते हुये कहा कि किसान भाई भूमि को सम्पूर्ण जनमानस को स्वस्थ रखने के लिये प्राकृतिक खेती, जैविक खेती करें इससे जहाॅ एक आरे लागत घटती है वहीं दूसरी ओर जल, थल वायु की दशा मंे सुधार होता है और गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न भी पैदा होता है। कृषक भाइयों को सम्बोधित करते हुये कहा कि किसान भाई राजकीय कृषि बीज भण्डारों से नया बीज लेकर  सीड ड्रिल से लाइन से बुआई करें उन्होने कहा कि इससे जहाॅ एक ओर खाद बीज का कम उपयोग होता है वहीं दूसरी ओर पैदावार में 15 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होती है। उन्होने कहा कि फसल अवशेष को न जलायें और उसे सड़ाकर खेत में ही गोबर की खाद बनायें। उन्होने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के बारे मे बताते हुये कहा कि कृषक भाई अपने आधार कार्ड के अनुसार किसी भी इण्टरनेट कैफे या स्मार्ट फोन पर चउापेंदण्हवअण्पद टाइप कर आधार कार्ड संख्या डालकर नाम संशोधन कर सकते है तथा बैंक खाता संख्या में सुधार के लिये बैंक पास बुक की छाया प्रति राजकीय कृषि बीज भण्डार अथवा तहसील में देकर सुधार करवा सकते है। किसान मेला में महिला किसानो ने भी भाग लिया। महिला बाल विकास अधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी ने उन्हें महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना से रोजगार एवं जच्चा बच्चा के पोषण के बारे में जानकारी दी।


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