अनवरत अनशन बैठे पर जल निगम कर्मचारी


पृथक बजट-प्रशासनिक विभाग और सप्तम वेतनमान की है मांग
जल निगम कर्मियों को अनशन में मिला विद्युत कर्मचारियों का साथ
लखनऊ।


उत्तर प्रदेश जल निगम कर्मचारियों ने अलग प्रशासकीय विभाग को लेकर अनशन शुरू कर दिया है। मंगलवार को राजधानी में उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति ने आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि सप्तम वेतनमान सहित पृथक प्रशासनिक व्यवस्था तथा पृथक बजट लागू ना होने तक अनशन जारी रहेगा। समिति के प्रवक्ता के के पटेल ने बताया कि 150 से अधिक सांसदों, विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित के समर्थन देने के बावजूद सरकार अगर विभाग का गठन नहीं कर रही है जिससे लाखों कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई में होने वाले महाआंदोलन को रद्द करने की जानकारी देते हुए पटेल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव और परिक्षाओं को देखते हुए समिति ने बडे आंदोलन को टाल दिया है लेकिन 9 कर्मचारियों द्वारा लगातार अनशन जारी रहेगा। विद्युत कर्मचारियों का समर्थन मिलने की बात बताते हुए कहा कि मांगें पूरी ना होने तक सरकार को विरोध के माध्यम से जतलाने का काम किया जाता रहेगा। प्रवक्ता पटेल ने बताया कि अलग प्रशासनिक व्यवस्था ना होने के कारण जहाँ जल निगम कर्मचारियों को वेतन और पेंशन की अव्यवस्था को झेलना पड़ रहा है वहीं निगम द्वारा किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं जिसकों लेकर सरकार जरा भी गंभीर नहीं है। वार्ता में प्रमुख रूप से वाई एन उपाध्याय, राम अचल सिंह, दयाराम मौर्य, सतीश तिवारी, प्रदीप तिवारी, चेतन जायसवाल, मंजीत वर्मा, शकेब अहमद, मोहम्मद शम्स और महंत सिंह आदि शामिल रहे।


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