कंपनी सेक्रेटरी की बढ़ती डिमांड

 



कंपनी सेक्रेटरी का काम बेहद की महत्वपूर्ण और जोखिम भरा भी होता है। उसे कंपनी से संबंधित समय-समय पर होने वाले नियम-कानूनों में बदलाव की जानकारी होना भी जरूरी होता है। साथ ही कंपनी सेक्रेटरी की कम्यूनिकेशन स्किल भी बहुत अच्छी होनी चाहिए। समय के साथ- साथ मार्केट में कंपनी सेक्रेटरी की डिमांड बढ़ती जा रही है और इसका दायरा बढ़ता जा रहा है।


आजकल युवाओं में कंपनी सेक्रेटरी के तौर पर करियर बनाने का क्रेज देखने को मिल रहा है। हो भी क्यों ना, आखिर कंपनी सेक्रेटरी की जॉब एक ऐसी नौकरी है जहां ओहदा, सम्मान और पैसा सबकुछ है। किसी भी कंपनी को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने में उसके कंपनी सेक्रेटरी का बहुत बड़ा योगदान होता है। कंपनी सेक्रेटरी को कंपनी सचिव भी कहा जाता है।


भारत में हर वो कंपनी जो 5 करोड़ या इससे अधिक का बिजनेस कर रही है, उसे एक परमानेंट कंपनी सचिव रखना जरूरी कर दिया गया है। ऐसे में देश में ऐसी सभी संस्थाएं जिनका संचालन बोर्ड, काउंसिल, एसोसिएशन, फेंडरेशन, अर्थारिटी या फिर आयोग कर रही हो, सभी को एक लायक कंपनी सेक्रेटरी की तलाश होती है। यही वजह है कि आजकल जहां कंपनी सेक्रेटरी की डिमांड बढ़ी है तो वहीं इस कोर्स को करने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं कि आखिरकार क्या होता है कंपनी सेक्रेटरी का काम।


कंपनी सेक्रेटरी के काम
द्यकंपनी सेक्रेटरी निजी क्षेत्र की कम्पनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान का एक उच्च पद है।
द्यक कंपनी सेक्रेटरी कंपनी की कानूनी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने का काम करता है।
द्यवो कंपनी के बोर्ड ऑफ गवर्नेस, शेयर धारकों, सरकार और अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल बना के रखने का काम करता है।
द्यकंपनी सेक्रेटरी कंपनी के डायरेक्टर और चेयरमैन को सभी जरूरी सूचना देता है और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी ध्यान दिलाता है। ताकि कंपनी का माहौल अच्छा बना रहे और कंपनी आगे बढ़ सके।


एक कंपनी सेक्रेटरी को कैपिटल मार्केट, कॉरपोरेट लॉ, सुरक्षा कानून और कॉरपोरेट गवर्नेस की भी जानकारी होती है, इसलिए कंपनी के कानूनी फैसले में भी उसकी दखलअंदाजी होती है।


कंपनी सेक्रेटरी को मैनेजमेंट और फाइनेंस मे भी महारत हासिल होती है, इसलिए वो कॉरपोरेट प्लानर और रणनीतिक मैनेजर के रुप में भी काम करता है।


देखा जाए तो एक कंपनी सेक्रेटरी की जिम्मेदारी कानून का पालन करते हुए कंपनी को कुशलतापूर्वक चलाने और आगे बढ़ाने की होती है।


कंपनी सेक्रेटरी का वेतन


कंपनी सेक्रेटरी का काम बड़े ही जिम्मेदारियों वाला होता है। वो किसी भी कंपनी का एक प्रमुख अंग माना जाता है, इसलिए उसकी सैलरी भी उसके अनुसार ही होती है। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में शुरुआत में कंपनी सेक्रेटरी का वेतन 2 लाख से 3 लाख के आसपास होता है। वहीं मल्टी नेशनल कंपनियों में यह पैकेज 5 से 6 लाख तक का भी होता है। इसके बाद जैसे- जैसे अनुभव बढ़ता है कंपनी सेक्रेटरी की सैलरी भी बढ़ती जाती है। इसमें अनुभव के बाद सैलरी 15 से 20 लाख सालाना तक जा सकती है। इसके अलावा कंपनी सेक्रेटरी बतौर सलाहकार भी प्रैक्टिस कर सकता है, जिसमें काफी अच्छी कमाई हो सकती है। इसमें हर एक हीयरिंग पर 20 से 25 हजार से लेकर 70-75 हजार रुपए तक मिल सकते हैं।


कंपनी सेक्रेटरी का काम बेहद की महत्वपूर्ण और जोखिम भरा भी होता है। उसे कंपनी से संबंधित समय-समय पर होने वाले नियम-कानूनों में बदलाव की जानकारी होना भी जरूरी होता है। साथ ही कंपनी सेक्रेटरी की कम्यूनिकेशन स्किल भी बहुत अच्छी होनी चाहिए। समय के साथ- साथ मार्केट में कंपनी सेक्रेटरी की डिमांड बढ़ती जा रही है और इसका दायरा बढ़ता जा रहा है।


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