बालिका के साथ दुष्कर्म कर उतारा मौत के घाट


शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने जाते समय ग्रामीणों ने दबोचा 
ग्रामीणों की पिटाई से घायल आरोपी अस्पताल में कराया भर्ती

फतेहपुर।


मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर अंकुश लगाने के लिए अधीनस्थों को फरमान जारी किये थे लेकिन उसके बावजूद भी महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। हवस के भूखे भेड़िये आये दिन अपनी हवस मिटाने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। जिन्हें अपने अंजाम की तनिक भी परवाह नहीं रहती है। भले ही अपनी हवस मिटाने के बाद फिर चाहे उन्हें क्यों न हत्या कर देना पड़े। दिल को दहला देने वाला ऐसा ही एक मामला मंगलवार की रात उस वक्त प्रकाश में आया। जब घर के बाहर खेल रही आठ साल की बालिका को गांव के ही चार बच्चों के बाप ने बिस्कुट का लालच देकर अपने खाली मकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और पहचान मिटाने के डर से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। घर से गायब बालिका के परिजन उसकी तलाश कर ही रहे थ,े तभी दुष्कर्मी द्वारा लाश को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने ले जाते समय गांव वालों ने देख लिया और उसे दबोच लिया। जब बोरे की तलाशी ली गयी तो उसमें बालिका का शव मिला। यह देख ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और ग्रामीणों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। इसी बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर अपने कब्जे में ले लिया और उसे घायलावस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर उनवा गांव निवासी शब्बीर की आठ वर्षीय पुत्री शाजिया मंगलवार की शाम अपने घर के बाहर खेल रही थी। गांव के ही चार बच्चों का पिता फारूक पुत्र रज्जाक 35 वर्ष की बाईपास में टायर व पंचर जोड़ने की दुकान है। बालिका को घर के बाहर खेलता देख वह आया और उसे पांच रूपये के बिस्कुट का लालच देकर अपने खाली मकान ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। पहचान जाने के डर से उसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। उधर काफी देर बीत जाने पर जब बच्ची घर वापस नहीं आयी तो परिजन उसे खोजने लगे। लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। पुत्री के न मिलने से मां के रो-रोकर बुरे हाल हो रहे थे। रात लगभग दस बजे जब परिजन व गांव वाले बच्ची की खोजबीन कर रहे थे। उसी बीच मौका लगाकर आरोपी शव को एक बोरे में भरकर ठिकाने लगाने के लिए ले जा रहा था। तभी कुछ ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गयी और उसे पकड़कर जब बोरे की तलाशी ली गयी तो उसमें बालिका का हत्यायुक्त शव निकला। यह देख जहां मां बेहोश हो गयी। वहीं ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और आरोपी को जमकर मारने-पीटने लगे। तभी किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से आरोपी फारूक को बचाकर उसे अपने कब्जे में लेते हुए जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। वहीं शव को अपने कब्जे में लेकर विच्छेदन गृह भेज दिया। दिल को दहला देने वाली हुयी घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक रमेश ने गम्भीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन परिजनों को दिया।


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