बारिश के चलते शहर में गंदगी का अम्बार

फतेहपुर।


बीते बुधवार से पुनः रूक-रूककर शुरू हुई बारिश के चलते हुए हुए जलभराव से नालियों की सिल्ट व गन्दगी मार्गों पर फैल गयी। आवागमन में शहरवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नही बारिश से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को बारिश रूकने का इंतजार करना पड़ा। बारिश की हल्की बूॅदों को देखते ही लोग घरों से कामकाज के लिए बाहर निकले और काम निपटाकर पुनः घरों के लिए रवाना हो गये जिससे बाजार भी ठंडा सा नजर आया। इक्का-दुक्का ग्राहक ही दुकानों पर नजर आये।  
मालूम हो कि पालिका के सफाई विभाग द्वारा दावे तो बहुत किये जाते हैं, लेकिन यह सभी दावे मौके पर हवा-हवाई ही साबित होते हैं। सफाई अभियान के दौरान ही विभाग की अनियमितता देखने को मिली थी। कहीं सिर्फ नालियों का गन्दा पानी रोड पर उलच कर खानापूर्ति की गयी तो कहीं सिल्ट निकाली तो गई, लेकिन उसे समय रहते उठाया नही गया। आधी सिल्ट पुनः नालियों में लौट गयी और बची-कुची हवा में धूल बनकर उड़ गयी। इस अनियमितता का नजारा शहर के अधिकतर क्षेत्रों में देखने को मिला। गन्दा पानी नालियों से बहने के बजाए मार्गों के ऊपर से बहता रहा। लोगों के घरों के सामने भी जलभराव देखने को मिला जिससे शहरवासियों में काफी रोष है। इतना ही नही औपचारिकताओं में सिमटी पालिका की सफाई व्यवस्था एवं सभासदों की उदासीनता का नजारा पालिका के अन्तर्गत आने वाले वार्डों में से अधिकतर वार्डों में देखा जा सकता है। कई वार्डों के मोहल्लों की हालत ऐसी है कि घर से निकलने के बाद व्यक्ति साफ-सुथरा घर वापस लौट ही नही सकता है। बच्चे स्कूल जाते हैं तो कीचड़ में सनकर घर वापस लौटते हैं। कुछ तो स्कूल जाने से पहले ही अपने को व किताबों से भरे बस्ते को रास्ते में भरे नाली के गन्दे पानी में गिरकर सराबोर होने के बाद घर लौट जाते हैं। आखिर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त कराने के लिए वार्डों के सभासद कब सक्रिय होगें। 


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