ब्रज क्षेत्र के विकास में वृन्दावन की मूल आत्मा को अवश्य सहेजा जाए : मुख्यमंत्री


लखनऊ।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को लोक भवन में आयोजित उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए चलायी जा रही विकास परियोजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण किया जाए। सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय से पूरे किए जाएं। इनके थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की भी व्यवस्था की जाए। पूरे ब्रज तीर्थ क्षेत्र में प्लास्टिक, थर्मोकोल तथा इनसे निर्मित वस्तुओं के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया जाए, जिसका अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को अयोध्या के दीपोत्सव की तरह 'यूनीक इवेन्ट' के रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारत से श्रद्धालुओं को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया जा सके। उन्होंने ब्रज तीर्थ विकास परिषद को जन्माष्टमी को पूरी भव्यता के साथ मनाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, जिसमें धार्मिक पर्यटन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किया जा सकता है, जिससे हमारे नौजवानों को काम मिलेगा। उन्होंने इस क्षेत्र में मौजूद परिक्रमा पथों का विकास भलीभांति करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को परिक्रमा करने में कोई दिक्कत न हो। इन पथों पर सभी जन सुविधाओं का भी विकास करने के साथ-साथ उचित मार्ग प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने तीर्थ स्थलों पर यात्रियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो बड़ी संख्या में पर्यटक इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे। ब्रज क्षेत्र के विकास में वृन्दावन की मूल आत्मा को अवश्य सहेजा जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के आने से इस क्षेत्र में पर्यटन सम्बन्धी गतिविधियां बढ़ेंगी। होटल, रेस्ट्रां इत्यादि स्थापित होंगे, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की बड़ी सम्भावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने पूरे ब्रज क्षेत्र में मौजूद सभी तालाबों, बावलियों को स्वच्छ बनाकर उनका विकास करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद की द्वितीय बैठक की प्रस्तावित कार्य सूची के तहत परिषद की 07 जून, 2018 को सम्पन्न प्रथम बैठक में लिए गए निर्णयों की पुष्टि तथा उनके अनुपालन के सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव सूचना तथा महानिदेशक पर्यटन श्री अवनीश कुमार अवस्थी द्वारा दिए गए विस्तृत प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। इसके अन्तर्गत उन्हें ब्रज क्षेत्र के विकास एवं सौन्दर्यीकरण हेतु तैयार की गई परियोजनाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को परिषद द्वारा वर्ष 2018-19 में स्वीकृत किए गए ब्रज क्षेत्र के विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों की स्वीकृत लागत तथा उनकी प्रगति के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें 86 करोड़ रुपए की लागत से वृन्दावन, गोवर्धन एवं मथुरा, बरसाना/नन्दगांव में करवाए जा रहे 26 कार्य शामिल हैं। उन्हें वर्ष 2019-20 के लिए गोकुल, बरसाना, नन्दगांव, कोसीकलां, मांट तथा मथुरा के लिए 23.77 करोड़ की लागत से स्वीकृत परियोजनाओं के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री को गोवर्धन, वृन्दावन, नन्दगांव, मांट तथा छाता क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित योजनाओं के सम्बन्ध में शासन की स्वीकृति के विषय में भी अवगत कराया गया। उन्हें मथुरा, वृन्दावन तथा गोवर्धन में पी0आर0टी0 सिस्टम की परियोजना के विषय में भी अवगत कराया गया। बैठक के दौरान उन्हें उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद, मथुरा के लिए स्वीकृत पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गई। उन्हें ब्रज तीर्थ पथ परियोजना, मथुरा जनपद में गोवर्धन कनेक्ट परियोजना, मथुरा वृन्दावन रेल-बस मार्ग के स्थान पर यातायात के वैकल्पिक साधन विकसित करने, मथुरा एवं वृन्दावन के बीच निर्माणाधीन प्रेक्षाग्रह/ऑडिटोरियम के हस्तांतरण, मथुरा स्थित मुक्ताकाशी रंगमंच के हस्तांतरण, मथुरा जनपद में सिटी फॉरेस्ट सौभरि वन की परियोजना इत्यादि के विषय में भी जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को वर्ल्ड बैंक सहायतित यू0पी0 प्रो-पुअर टूरिज्म डेवलपमेन्ट प्रोजेक्ट के विषय में भी अवगत कराया गया। उन्हें प्रदेश के समेकित पर्यटन विकास हेतु प्रस्तावित मुख्यमंत्री प्रदेश दर्शन योजना के प्रारूप के विषय में भी जानकारी दी गई।
प्रस्तुतिकरण अवलोकन के बाद मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र में तीर्थ विकास के सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधान सभा चुनाव क्षेत्रों में कम से कम एक पर्यटन स्थल समग्र रूप से विकसित किया जाए, जिससे पर्यटकों का आवागमन बढ़े और प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिले। उन्होंने विन्ध्याचल में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक समेकित योजना बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने गढ़मुक्तेश्वर के तीर्थ स्थलों के विकास के विषय में भी जानकारी दी। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तथा ब्रज की होली की ब्राण्डिंग कर इसे एक भव्य इवेन्ट के रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने नवरात्रि का भी आयोजन सात्विक ढंग से करने के निर्देश दिए। उन्होंने मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र में जन्माष्टमी से पहले एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी मन्दिरों के परिसरों तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ब्रज क्षेत्र में जन्माष्टमी का आयोजन भव्य और दिव्य रूप में किया जाए ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी, सूचना एवं संस्कृति निदेशक शिशिर, उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा उ0प्र0 ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदाधिकारीगण मौजूद थे।



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