दोनों उत्पाती हाथियों को जंगल में छोड़ने के लिए ट्रकों से किया गया रवाना


लखीमपुर खीरी।


नेपाल के जंगल से आये दो जंगली हाथियों ने बरेली के मीरगंज क्षेत्र में उत्पात मचाया और कई लोगों को मौत के घाट भी उतारा। 20 दिनों से लगातार वन विभाग कर्मियों की मेहनत से 17 जुलाई शाम को इन दोनो हाथियों को ट्रेंकुलाइज कर आज ट्रकों में लादकर उन्हें बहेड़ी किच्छा, सितारगंज होते हुए खटीमा ले जाया जा रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चूका के पास इनको छोड़ा जाएगा। क्योंकि यह हाथी नेपाल से शुक्ला फांटा से आए थे यह वहीं के जंगल में पहुंच जाएंगे। लगभग 20 दिनों से अधिक समय में क्षेत्र के मीरगंज क्षेत्र में इन जंगली हाथियों ने बहुत उत्पात मचाया वनरक्षक समेत कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
इस घटना को ऑपरेशन हांका नाम दिया गया हाथियों के हटाने के लिए वन विभाग 29 जून से ही सक्रिय हो गया था। इसमें दुधवा टाइगर रिजर्व से चार हाथी लाए गए थे इन हाथियों में गजराज, गंगाकली, सुलोचना व चमेली थी इसी के साथ दुधवा के एसडीओ एसके अमरेश महावत और वन्य अधिकारी भी घटना क्षेत्र में पहुंच चुके थे। 17 जुलाई शाम को लगभग 20 दिनों से लगे वन विभाग ने हाथियों को ट्रेंकुलाइज कर रस्सी और जंजीरों से बांधकर अपने कब्जे में कर लिया। इस ऑपरेशन में इतना समय लगने के कुछ प्राकृतिक कारण भी रहे कहीं पानी बरसता था कहीं पानी भरा होता था इसलिए सही सिचुएशन न मिलने के कारण उनको ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सहै। अब ट्रेंकुलाइज किए गए दोनों हाथियों को जेसीबी मशीनों के द्वारा ट्रक में लादकर चूका में छोड़े जाने के लिए रवाना कर दिया गया हैं। ऑपरेशन हाथियों का हांका में टीम लीडर पीपी सिंह आईएफएस, सीसीएफ सीसीएफ बरेली, सीएफ बरेली, मुरादाबाद, रामपुर डीएफओ बरेली डीएफ ओ रामपुर, डॉक्टर आरके सिंह कानपुर जू से, डॉक्टर दुष्यंत, डॉक्टर दया दुधवा से डॉक्टर सनत, वार्डन दुधवा एसके अमरेश, पुलिस, प्रशासन तथा कर्नाटक बंगाल के महावत तथा अन्य 50 व्यक्ति भी ऑपरेशन में लगे रहे।


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