गुरुवार को घटना के विरोध में लखनऊ व जालौन में प्रदर्शन हुए

लखनऊ।


भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने सोनभद्र के घोरावल में बुधवार को दबंगों द्वारा भूमि विवाद में किये गये आदिवासी नरसंहार के खिलाफ 22 जुलाई को राज्यव्यापी प्रतिवाद करने की घोषणा की है।
इस बीच, राजधानी लखनऊ में हजरतगंज चौराहा स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र के नृशंस हत्याकांड के खिलाफ माले की केंद्रीय समिति सदस्य कृष्णा अधिकारी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे 'सोनभद्र नरसंहार का जिम्मेदार कौन - योगी सरकार जवाब दो!
प्रदर्शन के अंत मे राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने सोनभद्र के डीएम-एसपी को मुअत्तल करने, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख व घायलों को 5-5 लाख रु मुआवजा देने, पीड़ित आदिवासी परिवार जिस जमीन पर काबिज थे उसका विनियमितीकरण उनके पक्ष में करने, आदिवासियों की बेदखली रोकने व उन्हें जमीन का पट्टा देने, घटना में 3 महिलाओं समेत 10 आदिवासीयों के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करने व कड़ी सजा देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में राज्य समिति के सदस्य राधेश्याम मौर्य, ऐपवा नेता सरोजिनी, मजदूर नेता मगन मोहन, इंकलाबी नौजवान सभा के राजीव, आइसा के शिवा रजवार, अतुल आदि शामिल थे। इन्हीं मांगों को लेकर जालौन जिला के मुख्यालय उरई में भी आज प्रतिवाद मार्च निकाला गया।
उधर, भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव के नेतृत्व में पार्टी का आठ सदस्यीय दल सोनभद्र में घटनास्थल उभ्भा गांव पहुंचा। दल के सदस्यों ने हरेक मृतक के घर-घर जाकर परिवार वालों से भेंट की और संवेदना प्रकट की। माले की टीम ने घटना से जुड़े तथ्यों को संकलित करना शुरू कर दिया है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट भेज देगी।


 


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