राज्य सरकार अपनी अक्षमताओं पर पर्दा डालना चाहती है: अखिलेश

लखनऊ।


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोनभद्र की ग्रामसभा मूर्तिया (उम्मा) थाना व विधानसभा क्षेत्र घोरावल में 17 जुलाई को हुए नरसंहार की जांच के लिए जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमण्डल को रोके जाने की घटना को लोकतंत्र विरोधी आचरण बताते हुए कहा है कि भाजपा सरकार ने अपने इस कृत्य से बता दिया है कि वह जनभावनाओं के साथ कितनी संवेदनहीन है। राज्य सरकार अपनी अक्षमताओं पर पर्दा डालना चाहती है। समाजवादी पार्टी के जांच दल को घटना स्थल पर जाने से रोकने से स्पष्ट है कि भाजपा सरकार अपने पापों को छुपाना चाहती है।
अखिलेश ने आईपीएन से बातचीत में कहा कि सोनभद्र के नृशंस हत्याकाण्ड के लिए जिला व पुलिस प्रशासन तथा भाजपा सरकार सभी जिम्मेदार हैं। आदिवासी और दलित जिस जमीन पर वर्षों से खेती कर रहे थे उससे बेदखल करने में ग्राम प्रधान उनके साथी काफी समय से लगे थे किन्तु जिला प्रशासन आंखे मूंदे रहा। तहसील थाना दिवस पर एक दिन पहले तक ग्रामीणों ने जिनमें बड़ी संख्या में दलित और आदिवासी थे, न्याय की गुहार की थी, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुनवाई नहीं की। वह सौदेबाजी में लगा रहा। उनकी लापरवाही ने 11 जाने ले लीं। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल ग्रामसभा मूर्तिया जाकर नृशंस हत्याकाण्ड के पीछे की सच्चाई जानना चाहता था।
श्री यादव ने कहा कि सोनभद्र का काण्ड पूरे प्रदेश की हालत बता रहा है कि यहां पूरी अराजकता और जंगलराज है। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ गई है। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि अगर सामाजिक अस्थिरता रही तो आर्थिक स्थिरता भी नामुमकिन है। राज्य के हालात इस कद्र खराब है कि सद्भाव और शांति के अभाव में भाजपा राज में विकास होना संभव नहीं।


 


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