राज्यपाल-मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में शहीदों को किया नमन


लखनऊ।


उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मध्य कमान स्थित स्मृतिका जाकर अमर ज्योति के समक्ष शहीदों को नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर ले0जनरल अभय कृष्ण सहित सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे। 
राज्यपाल राम नाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम लखनऊ द्वारा कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में कारगिल के शहीदों को नमन किया तथा कारगिल शहीद एवं स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के परिजनों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री आशुतोष टण्डन, राज्यमंत्री मोहसिन रज़ा, महापौर संयुक्ता भाटिया, विधायक नीरज बोरा, सभासदगण तथा बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।
राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि आज का दिन शहीदों को याद करने का दिन है। हम सुरक्षित हैं क्योंकि सीमा पर सेना है। ऐसे में जिन्होंने देश का मान बढ़ाया है उनको याद करके उनके प्रति आदर व्यक्त करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि शहीदों के लिये कुछ कर सका इसका उन्हें समाधान है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे पेट्रोलियम मंत्री रहते हुये 439 कारगिल शहीद परिवारों को सरकारी खर्चें पर पेट्रोल पम्प और गैस एजेन्सी उनके जीवन निर्वहन के लिये उपलब्ध करा सके। उन्होंने कहा कि इस बात का भी संतोष है कि प्रदेश के तीन परमवीर चक्र विजेताओं के भित्ति चित्र मध्य कमान स्मृतिका में उनकी सलाह से स्थापित किये गये। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि लखनऊ में पर्यटन के नक्शे पर स्मृतिका को भी शामिल किया जाये, इससे नागरिक और सेना में संवाद बढ़ेगा।
नाईक ने शहीदों को याद करते हुये कहा कि शहादत पर गर्व है पर जवानों के जाने का दुःख होना भी स्वाभाविक है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को उद्धृत करते हुये कहा कि शिवाजी की माता जीजाबाई की इच्छा थी कि कोण्डाना किला छत्रपति शिवाजी के पास होना चाहिए। शिवाजी की सेना के सरदार तानाजी अपने पुत्र के विवाह का निमंत्रण देने आये थे। माता जीजाबाई की इच्छा को जानकर सेनापति तानाजी ने कहा कि पहले कोण्डाना जीतेंगे बाद में शादी होगी। युद्ध में तानाजी शहीद हुए तो शिवाजी ने कोण्डाना किले का नाम सिंहगढ़ रखते हुए कहा कि 'गढ़ आला पण सिंह गेला' अर्थात, 'गढ़ तो जीत लिया पर सिंह चला गया'। उन्होंने कहा कि देश पर शहीद होने वाला सैनिक हमारे लिये बहुत महत्व रखता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि आज के दिन भारत माता के शहीद सपूतों को याद करने का दिन है। भारत की सेना विश्व की बहादुर सेना में गिनी जाती है। हमारे सैनिक विपरीत परिस्थितियों में रहकर देश की सुरक्षा करते हैं। युद्ध के समय भारतीयों में जिस तरह की भावना जुड़ती है वो भारतीय होने का परिचय देती है। जब हम देश में चैन से सोते हैं तो हमारा जवान हर मौसम में चैकन्ना रहकर देश की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक को सेना पर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए।
मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि नगर निगम के अन्य कार्यक्रमों में कारगिल शहीदों पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम सर्वश्रेष्ठ है। कारगिल में लखनऊ के पांच वीर शहीद हुये थे। उन्होंने कहा कि गौरवशाली आजाद देश के पीछे हमारे शहीदों का बलिदान है। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये।


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