हाथों-पैरों के जलन की समस्‍या

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हाथों-पैरों में जलन की समस्या को छोटा समझ अकसर लोग इग्नोर कर देते हैं। मगर असल में इसके कारण न सिर्फ असहनीय दर्द, बल्कि खुजली जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। कई बार तो इसके कारण चलना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि कुछ लोग इसके लिए दवाइयों या क्रीम का सहारा लेते हैं, लेकिन आप सस्ते व घरेलू नुस्खो से भी इसका इलाज कर सकते हैं।


पैरों के तलवों में जलन के कारण


पैरों के तलवों में जलन तब होती है जब पैरों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो और लंबे समय तक खड़े हो कर काम करना पड़े। हालांकि यह ज्यादातर उन्हें होता है जो बूढ़े हो चुके हैं या फिर जो लोग डायबिटीज के मरीज हैं। वहीं कम उम्र में इस समस्या का कारण शरीर में पोषक तत्त्व जैसे विटामिन बी, फॉलिक एसिड या कैल्शियम की कमी भी हो सकता है। इसके अलावा पैरों के तलवे में जलन होने के और भी कारण हो सकते हैं जैसे, क्रॉनिक किडनी रोग, लघु फाइबर न्यूरोपैथी, थाइराइड हार्मोन का स्तर, लाइम की बीमारी और एचआईवी, माइलॉयड पोली न्यूथैरेपी, दवाइयों या कीमोथैरेपी के साइड इफेक्ट्स, रक्त वाहिकाओं की सूजन, गुर्दे से जुड़ी बीमारी, रक्त वाहिकाओं में संक्रमण। आइए जानते हैं हाथों और पैरों की जलन दूर करने के घरेलू नुस्खे।


मेहंदी- मेंहदी में सिरका या नींबू का रस मिलाएं और पेस्ट बना कर इसे तलवों पर लगाने से पैरों की जलन खत्म हो जाएगी।


मुल्तानी मिट्टी- रोजाना मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाने से भी पैरों के तलवों की जलन दूर होती है।


लौकी का जूस- लौकी को घिस लें और या फिर उसके गूदे को निकाल कर पैरों के तलवों में लगाने से पैरों की गर्मी और जलन दूर होती है।


ठंडा पानी- एक टब में ठंडा पानी भरें और अपने पैरों को कुछ मिनट के लिए इसमें डुबोएं। फिर थोड़ी देर के लिए बाहर निकाल लें और दोबारा डुबोएं। ऐसा दिन में 2 बार करें।


मक्खन- मक्खन और मिसरी को बराबर मात्रा में मिलाकर लगाने से हाथ और पैरों की जलन दूर


होती है।


सेब साइडर सिरका- 1 गिलास गर्म पानी में 1-2 टेबलस्पून कच्चा और अनफिल्टर्ड सेब साइडर सिरका मिलाकर नियमित रूप से पिएं। इससे आपको खुछ दिनों में ही फर्क देखने को मिलेगा। पैरों की मसाज- पैरों की मसाज करने से पैरों में खून का प्रवाह तेज बनता है, जिससे पैर न ही जलते हैं और न ही उनमें दर्द हो 


अदरक- गर्म नारियल तेल में 1 टीस्पून अदरक का रस मिलाकर रोज 10-15 मिनट पैरों की मालिश करें। जब तक आपको समस्या से राहत न मिले इससे मसाज करते रहें।


करेला- एक मुट्ठी भर करेले की पत्तियां पानी के साथ पीस कर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर 10-15 मिनट लगाकर ठंडे पानी से धोएं। इससे भी जलन से राहत मिलेगी।


ठंडी चीजें खाएं


अपनी डाइट में ऐसी चीजें शामिल करें, जिसकी तासीर ठंडी हो जैसे गन्ने का रस, दही, अनार, लस्सी, खीरा, नींबू आदि। हरे नारियल में मौजूद पानी और उसका अंदरूनी सफेद हिस्सा, जिसे आमतौर पर मलाई कहा जाता है, ये दोनों ही आपके शरीर को प्रभावशाली पोषक तत्त्व और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। नारियल पानी एक बहुत ही स्वादिष्ट और कम कैलोरी वाला प्राकृतिक पेय है। मिनरल्ज से भरपूर हरे नारियल का पानी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और आपको कई बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैगनीशियम, पोटाशियम, सोडियम और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आपके ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने, बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने, ब्लड प्रेशर ठीक रखने और दिल को स्वस्थ रखने में काफी मददगार होते हंै।


पकने की प्रक्रिया के दौरान नारियल का बाहरी रंग धीरे-धीरे भूरा होने लगता है। नारियल के अंदर मौजूद सफेद भाग धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है। 6 महीने तक इसमें केवल पानी होता है। 8-10 महीने में नारियल के बाहरी हिस्से में अधिक पीले या भूरे रंग के धब्बे होते हैं। इसका पानी मीठा हो जाता है और अंदर जेली जैसा बनने लगता है, जो धीरे-धीरे गाढ़ा हो जाता है। 11-12 महीनों में नारियल भूरे रंग का होने लगता है और इसके अंदर का भाग सफेद गाढ़ा और सख्त होने लगता है। इसमें पानी की मात्रा कम हो जाती है और फैट की मात्रा बढ़ जाती है। आइए जानते हैं ये किस प्रकार आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।


पेट की समस्याओं से दिलाता है छुटकारा


हरा नारियल का पानी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। शरीर में पानी की कमी हो जाने पर या फिर शरीर में तरल पदार्थ की कमी हो जाने पर शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और आपको दस्त, उल्टी, सिरदर्द एसिडिटी, अल्सर, कोलाइटिस और आंतों में सूजन जैसी परेशानी हो जाती है। हरे नारियल को ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है, जिसके कारण कमजोरी, थकान, चक्कर आने जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।


एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर


हरे नारियल के अंदर मौजूद गिरी और पानी दोनों में फिनॉलक यौगिक एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने में मददगार होते हैं और आपकी कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाते हैं। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले विटामिन्स और सूक्ष्म पोषक तत्त्व जैसे जिंक, कॉपर, मैगनीज और सेलेनियम आपके शरीर में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स के रूप में काम करते हैं और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने में भी मदद करते हैं।


हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद


नारियल पानी मेटाबॉलिक सिंड्रोम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम हृदय रोगों की समस्याएं जैसे उच्च रक्तचाप, ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल के स्तर बढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त बेली फैट भी बढ़ाता है। विभिन्न वैज्ञानिक शोधों में पाया गया है कि नारियल पानी के सेवन से शरीर में लिपिड मैटाबॉलिज्म का स्तर नियंत्रित रहता है। इससे हृदय रोगों की समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती है। साथ ही रक्तचाप भी सामान्य रहता है और धमिनयों में रक्त के थक्कों को बनने नहीं देता।


सेवन का तरीका


नारियल पानी पीने का सबसे सही समय सुबह का है। इसलिए रोजाना खाली पेट नारियल पानी का सेवन जरूर करें। इसके अलावा वर्कआउट के समय या बाद में, दोपहर के खाने में या उससे थोड़ा वक्त बाद और शाम के समय भी नारियल पानी का सेवन करें। इससे आपका वजन तो कंट्रोल होता ही है साथ ही इससे शरीर को ऊर्जा भी मिलती हैं। बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए रोजाना 1 गिलास नारियल पानी का सेवन जरूर करें।


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