जायदात के लालची तीन भाइयों ने चौथे भाई को मृत दिखाकर कब्जाई जमीन

हाथरस।


यूपी के जनपद हाथरस में जायदात के लालची तीन भाइयों ने अधिकारियों से सांठ गांठ कर अपने चौथे भाई को मृत दिखाकर उसकी जमीन पर कब्ज़ा करते हुए उसकी जमीन को अपने नाम करा लिया। सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित किया गया व्यक्ति अपने आपको जीवित साबित कराने और भाइयों द्वारा धोखे से कब्जाई गयी जमीन को वापस पाने के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी अब जाँच की बात कर रहे हैं।
आपको बता दें कि पूरा मामला हाथरस जिले की तहसील सादाबाद क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर का है। सुल्तानपुर के रहने वाले अतर सिंह के नाम करीब 32 बीघा जमीन थी। 2001 में उनकी मौत के बाद चार बेटे राजेन्द्र सिंह, राम बहादुर सिंह, मुकुट सिंह व धीरेन्द्र सिंह उसके हिस्सेदार हो गए। पिता के गुजर जाने के बाद मुकुट सिंह, राम बहादुर और धीरेन्द्र अपने चौथे भाई राजेन्द्र सिंह के खिलाफ हो गए, तीनों भाई राजेन्द्र सिंह के हिस्से की जमीन को भी कब्जाना चाहते थे। राजेन्द्र सिंह पहले से ही परिस्थितियों का मारा था। 1985 में उसका विवाह मालती देवी के साथ हुआ। तीन साल बाद 1988 में राजेंद्र सिंह की पत्नी मालती देवी की गर्भावस्था में मौत हो गयी, जिसके बाद वह अकेला ही रहता था। भाइयों की मारपीट से तंग आकर राजेन्द्र सिंह साल 2001 में गांव छोड़ कर जनपद एटा की तहसील जलेसर स्थित गांव पिलखुनी अपनी ननिहाल चला गया और वहीं पर मेहनत मजदूरी करने लगा। जब 16 साल बाद साल 2017 में राजेंद्र सिंह अपनी ननिहाल से वापस अपने गांव हाथरस आया। जैसे ही राजेंद्र सिंह ने अपने हिस्से की जमीन की जानकारी करने के लिए तहसील सादाबाद से खसरा खतौनी निकलवाई तो उसमें उसके तीनों भाई राम बहादुर सिंह, मुकुट सिंह व धीरेन्द्र सिंह, के नाम थे और खसरा खतौनी में जीवित राजेंद्र सिंह को मृत दिखाया गया। यह देखकर राजेन्द्र सिंह की आंखे खुली की खुली रह गई। 
राजेन्द्र सिंह पिछले दो सालां से अपने आपको जीवित साबित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। राजेंद्र सिंह ने इसी सम्बन्ध में तहसील सादाबाद के तहसीलदार को प्रार्थना पत्र देकर मामले में जाँच कराने के लिए मदद की गुहार लगाई है। 
इस मामले में सादाबाद तहसील के तहसीलदार टीपी सिंह ने बताया कि वारिसान या किसी वसीयत के आधार पर राजेन्द्र सिंह का नाम खतौनी से हटाया गया है। यह सब जांच के बाद ही पता चलेगा। इस मामले में जांच कराई जाएगी।


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