आपदा की स्थिति में राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ : मुख्यमंत्री

वाराणसी।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अस्सी घाट स्थित गोयंका संस्कृत महाविद्यालय में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।
इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेतवा एवं चंबल नदी से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा, यमुना एवं गोमती में पानी का जलस्तर बेतहाशा बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। गत दिनों उन्होंने बाढ़ क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि बाढ़ की गम्भीरता के दृष्टिगत पुनः बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों एवं पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराए जाने के लिए भ्रमण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है। जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधिगण द्वारा लगातार बाढ़ पीड़ितों का हाल-चाल जानने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन को बाढ़ से पीड़ित परिवारों को प्रत्येक दशा में 12 घण्टे में राहत सामग्री तथा जन/पशु हानि होने की स्थिति में 24 घण्टे में सहायता धनराशि उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं विलम्ब नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रधानमंत्री जी, केन्द्र एवं प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनशील हैं। बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए जिलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को समयानुसार शुद्ध भोजन की व्यवस्था के साथ-साथ पेयजल एवं चिकित्सा सुविधा भी सुनिश्चित कराई गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मदन मिश्रा, मीरा देवी, मिट्ठू, सुनीता कश्यप, मंजू, बीरबल पाण्डेय, विदों देवी, पार्वती, निर्मला, रमाशंकर, कीर्ति पटेल, मनोकामना देवी, काजल साहनी, अमित कुमार, इंद्रावती, प्रमोद कुमार सिंह, ध्रुव पाण्डेय, संतोष राजभर, राजेन्द्र खरवार, सिंबू देवी, शनी खरवार, रीता देवी, राजेश वर्मा, बिंदु देवी, विकास कुमार, पुरुषोत्तम पाठक, अन्नपूर्णा, कान्ति देवी, रामसुधार, मोनिका वर्मा आदि को राहत सामग्री उपलब्ध करायी।
प्रत्येक परिवार को 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 02 किलो अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम धनिया, 01 पैकेट मोमबत्ती, 10 पैकेट बिस्कुट, 01 लीटर रिफाइंड तेल, 10 किलो आलू व 05 किलो लाई राहत सामग्री के रूप में वितरित की गई। इस राहत शिविर में 51 बाढ़ पीड़ित परिवार के 217 लोग रह रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गत 17 सितम्बर, 2019 को आकाशीय बिजली गिरने के कारण जंसा के सत्तनपुर की दिवंगत सुनीता देवी, संजू गुप्ता व सीमा देवी के पति क्रमशः हरगेन पटेल, बबलू व रामदास पाल को 04-04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने जनपद वाराणसी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके उपरान्त, उन्होंने एनडीआरएफ की नाव से अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक निरीक्षण किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर, पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 


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