अन्नप्राशन कार्यक्रम में सम्मिलित हुई मंत्री स्वाती सिंह बच्चों का कराया अन्नप्राशन

लखनऊ।


महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह ने कहा कि महिला गर्भावस्था एवं धात्री अवस्था में विविध प्रकार का पौष्टिक भोजन खाएंगी एवं स्वच्छता पर ध्यान देंगी, तो उनका बच्चा निश्चित रूप से स्वस्थ होगा। जो बच्चियां 11 से 14 वर्ष की हैं उन्हें माता-पिता स्कूल अवश्य भेजें एवं छोटे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र पर भेजें। बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री आज यहां डिप्टीगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम एवं रेसिपी प्रतियोगिता में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि हमारा देश तभी सशक्त बनेगा जब सभी लोग स्वस्थ होंगे, स्वस्थ रहने की पहली शर्त स्वच्छता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
श्रीमती सिंह ने कहा प्रत्येक व्यक्ति को अपने भोजन में दालें अनाज, दूध एवं दूध से बने पदार्थ, फल व हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए, जिससे बच्चों में कुपोषण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहें इसके लिए आवश्यक है कि गर्भावस्था के समय से ही गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण का ध्यान रखा जाए तथा बच्चों में समय से कुपोषण की पहचान कर उनके निराकरण के प्रभावी उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि कुपोषण से मुक्ति के लिए समाज के सभी लोगों को सहभागी बनना होगा। स्वच्छता एवं पोषण के प्रति जागरूकता ही स्वच्छ भारत एवं समर्थ भारत की संकल्पना को साकार कर सकती हैं।
अन्नप्राशन एवं रेसिपी प्रतियोगिता कार्यक्रम में बाल विकास पुष्टाहार राज्यमंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्र के 10 बच्चो का अन्नप्राशन एवं एक महिला की गोदभराई की। कार्यक्रम में पोषाहार से बने एवं अन्य सब्जियों से बने विविध व्यंजनों का प्रदर्शन भी किया गया। सामूहिक भोज के अंतर्गत उन्होने बच्चों को पूरी-सब्जी, खीर व तहरी खिलाई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच भी की गई।


 


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