बिजली बिल वृद्धि के विरोध में किया धरना प्रदर्शन और रोड जाम

- एसडीएम तहसीलदार को सौंपा 14 सूत्रीय ज्ञापन
- करीब 1 घंटे तक बरसते पानी में रोड रहा जाम पुलिस के पहुंचने और मनाने के बाद खोला गया जाम
बिंदकी (फतेहपुर)।


सरकार द्वारा बिजली बिल के दामों में बढ़ोतरी किए जाने के विरोध सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने धरना प्रदर्शन किया। जिसमें एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। धरना प्रदर्शन समाप्त होने की स्थिति में था लेकिन उसी समय भारतीय किसान यूनियन ने पुलिस के बड़े अधिकारी को बुलाने की मांग की। जब कोई पुलिस का जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा तो नाराज भाकियू के लोगों ने सड़क जाम कर दिया करीब 1 घंटे तक सड़क जाम रही। मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने भाकियू के लोगों से कहा कि पुलिस क्षेत्राधिकारी आ चुके हैं वार्ता हो जाएगी। इसके बाद ही यूनियन के लोगों ने रोड जाम खोला तब आवागमन चालू हो सका।
नगर के तहसील परिसर के अंदर भाकियू का धरना प्रदर्शन दोपहर बाद प्रारंभ हुआ। धरना प्रदर्शन मुख्य रूप से सरकार द्वारा फिलहाल बिजली बिल के दामों में वृद्धि किए जाने के खिलाफ था। धरना प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दिया कि एक तो किसान/ग्रामीण पहले से परेशान था बिजली के बिल में वृद्धि करके किसानों को और परेशान किया जा रहा है। चेतावनी दी गई कि यदि बिजली के बढ़े दाम वापस नहीं लिए गए तो यूनियन के लोग चुप बैठने वाले नहीं हैं और सड़कों पर उतरकर ईट से ईट बजाने का काम करेंगे तथा मांग किया कि 7 राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के किसानों को भी बिजली सिंचाई हेतु निशुल्क दी जाए, साथ ही सामान्य योजना के अंतर्गत निजी नलकूप के कनेक्शन में लाइन की लंबाई 300 मीटर से घटाकर 190 मीटर कर दी गई है। जिससे किसानों पर अत्यधिक भार बढ़ गया है। सामान योजना के अंतर्गत कनेक्शन पर दी जाने वाली सब्सिडी में वृद्धि की जाए। इसके अलावा स्वीकृत सामान्य योजना के निजी नलकूप कनेक्शन का सामान भी दिया जाए।
यूनियन के नेताओं ने गन्ना भुगतान होने तक किसानों पर बकाया के कारण बिजली विभाग द्वारा चोरी की रिपोर्ट न कराई जाए, की भी मांग की। सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के उपरांत भी प्रदेश के गन्ना किसानों का बकाया भुगतान नहीं देने पर भी नाराजगी जाहिर थी और मांग की गई कि गन्ने के बकाया का भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए। मांग किया गया कि चीनी मिल चलने से पहले कैलेंडर जारी कर दिए जाएं। इतना ही नहीं मांग किया गया कि आगामी सत्र में चीनी मिल अक्टूबर माह से चलाई जाए एवं जनपद मुजफ्फरनगर की मिल की पेराई की क्षमता में वृद्धि की जाए। धरना प्रदर्शन में मान किया गया कि प्रदेश में मोटर यान अधिनियम के 26 में संशोधन की अनुसूची 9 के स्कूली वाहन अधिनियम के बदलाव को अगले शिक्षा सत्र से लागू किया जाए।
प्रदेश में चकबंदी कार्यों में पारदर्शिता लाई जाए एवं कर्मचारियों के उपलब्धता के आधार पर ही नए गांव में चकबंदी की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। किसानों को बीज गुणवत्तापूर्ण व समय से उपलब्ध कराए जाएं। बाजार में बिक रहे नकली बीज में, जंगली आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए, बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा पर रोक लगाई जाए। यह भी मांग की गई कि प्रदेश भर में हो रही कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। किसानों को यूरिया उपलब्ध कराई जाए। बुंदेलखंड में फसल पैदा न होने के कारण आत्महत्या कर रहा है किसानों की जारी की गई रिकवरी है इससे किसान आत्महत्या कर रहा है सभी रिकवरी वापस करते हुए सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाए।
किसानों की यह समस्या सुनने के लिए उप जिला अधिकारी प्रमोद कुमार झा तथा तहसीलदार प्रमेश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और भारतीय किसान यूनियन का 14 सूत्रीय ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याएं जल्द हल करने का प्रयास किया जाएगा और सरकार द्वारा फिलहाल बिजली बिल के जो वृद्धि की गई है। उसके मामले में ज्ञापन मुख्यमंत्री के पास पहुंचाने का काम करेंगे। इसके बाद दोनों अधिकारी धरना प्रदर्शन से वापस चले गए। धरना प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति बिगड़ गई जब लोग धरना प्रदर्शन स्थल में किसी बड़े पुलिस अधिकारी के बुलाने की मांग कर रहे थे भारतीय किसान यूनियन के लोग पुलिस से संबंधित कई समस्याएं बताना चाह रहे थे जब कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो नाराज यूनियन के लोग नारेबाजी करते हुए तहसील के मुख्य गेट के ठीक सामने मार्ग जाम कर दिया।
करीब 1 घंटे तक सड़क जाम रहा इस बीच जाम लगे स्थान के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी लाइन लग गई। जिस समय जाम किया गया उसमें पानी बरस रहा था लेकिन बरसते पानी में लोग जमे रहे थोड़ी देर बाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नंदलाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने यूनियन के लोगों को समझाया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक तिवारी तहसील सभागार कक्ष में मौजूद हैं। कुछ लोग चलें और वार्ता कर अपनी समस्या बताए। इसके बाद यूनियन के लोगों ने जाम खोल दिया और पुलिस क्षेत्राधिकारी से अपनी समस्या बताई। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रवक्ता अशोक उत्तम, तहसील अध्यक्ष रामसहाय पटेल, मलवा ब्लाक अध्यक्ष नवल सिंह पटेल के अलावा भाकियू के नेता सुखीराम यदुनंदन और तेज बहादुर सिंह, रंजन सिंह, सूर्यपाल सिंह, अंगद सिंह, वेद प्रकाश पटेल, राजकुमारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
इसी कड़ी में फतेहपुर सदर तहसील में भी भाकियू द्वारा धरना देकर प्रदर्शन किया गया। बाद में मुख्यमंत्री को सम्बोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंप कर किसानों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की गयी। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष दीपक गुप्ता, राजेन्द्र सिंह, प्रीतम सिंह चन्देल, सुरेन्द्र सिंह, पुत्तन सिंह, मुन्ना, जितेन्द्र, शिवबहादुर परिहार आदि मौजूद रहे।


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