खण्ड शिक्षा अधिकारियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेगी प्रदेश सरकार: मंत्री

लखनऊ।


प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पर्यवेक्षण व यात्रा मद में व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 12 हजार रूपये प्रतिमाह दिये जाने का आदेश पूर्व में ही निर्गत किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त तीन योग्य व दक्ष कार्मिकों की खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनाती का निर्णय लिया जा चुका है। कालान्तर में ऐसे स्टाफ को प्रशिक्षण व संसाधनयुक्त बनाये जाने का भी प्रस्ताव है।
डाॅ0 द्विवेदी ने कहा कि एबीआरसी पद पर नवीन तैनाती तत्काल प्रभाव से रोक दी गयी है। आगे ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि एबीआरसी पद खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रभावी न रहे तथा गुणवत्ता संवर्द्धन हेतु नयी व्यवस्था की जा रही है। जो भी राज्य मुख्यालय स्तर से पत्राचार स्थानीय स्तर के लिए जारी हो, उसकी प्रति सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी सीधे ई-मेल द्वारा प्रेषित की जाये। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के लिए सुसज्जित मीटिंग हाॅल व आवश्यक कार्यालय संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने शुक्रवार को गोमतीनगर स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित प्रदेश के खण्ड शिक्षाधिकारियों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों की सुविधाओं का प्रदेश सरकार पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा विभागीय नियमों का पालन न करने व किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत पाये जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नवीन, एकीकृत सेवा नियमावली प्रख्यापित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रत्येक विकास खण्ड में कार्यालयध्आवास अवस्थापना के लिए शैक्षिक सत्र 2020-21 में पी0ए0बी0 की बैठक हेतु (भारत सरकार) के समक्ष प्रस्ताव रखे जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रत्येक वर्ष फरवरी महीने में सभी स्कूलों में वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन कराया जाये।
आॅपरेशन कायाकल्प, स्वेटर क्रय, निःशुल्क यूनिफार्म, वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में स्वीकृत अवस्थापना कार्यों का सत्यापन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं को पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षिक सत्र 2019-20 में छात्र नामांकन तथा उसके सापेक्ष परिषदीयध्अनुदानितध्मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आधार पर नामांकन की प्रगति, स्कूल बैग, जूता-मोजा का वितरण, ग्राम शिक्षा समितियों एवं विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों अप्रयुक्त धनराशि के सम्बंध में कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उन्होंने यह भी कहा कि 04 हजार फर्जी शिक्षकों के चिन्हांकन एवं उनके विरूद्ध की गयी कार्यवाही का विवरण, सेवा समाप्त, एफआईआर एवं पैरवी का कार्य प्रभावी ढंग से किया जाय।


 


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