नोडल तथा उनसे लिंक्ड विभाग यूपी से सम्बन्धित फोकस सेक्टरों पर काम करें : मुख्यमंत्री

सभी विभाग अपनी-अपनी विस्तृत प्रगति की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर मुहैया कराएं


लखनऊ।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर सतत विकास लक्ष्य उत्तर प्रदेश विजऩ-2030 के तहत लक्ष्यों के अनुसार नोडल विभागों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी नोडल विभाग तथा उनके साथ लिंक किए गए विभाग यूपी से सम्बन्धित फोकस सेक्टरों पर काम करें और इस सम्बन्ध में सभी विभाग विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर मुहैया कराएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य को तेजी से किया जाए, क्योंकि सभी नोडल विभागों के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किए गए कार्यों की अद्यतन स्थिति/रिपोर्ट का प्रकाशन 20 सितम्बर तक हर हाल में किया जाना है। अत: सभी विभाग आपसी समन्वय बनाते हुए निरन्तर प्रयास करें और सम्बन्धित रिपोर्ट तैयार करें।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लिए निर्धारित 16 एस0डी0जी0 लक्ष्यों, जिनमें नो पावर्टी (ग्राम्य विकास), जीरो हंगर (कृषि), गुड हेल्थ एण्ड वेल बींग (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य), क्वालिटी एजुकेशन (माध्यमिक शिक्षा), जेण्डर इक्वालिटी (महिला कल्याण), क्लीन वॉटर एण्ड सैनीटेशन (सिंचाई), एफोर्डेबल एण्ड क्लीन इनर्जी (ऊर्जा), डीसेण्ट वर्क एण्ड इकोनॉमिक ग्रोथ (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग), इण्डस्ट्री इनोवेशन एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर (औद्योगिक विकास), रिड्यूस्ड इनइक्वालिटीज (समाज कल्याण), सस्टेनेबल सिटीज एण्ड कम्युनिटीज (नगर विकास), रिस्पॉन्सिबल कन्जम्पशन एण्ड प्रोडक्शन (पर्यावरण), क्लाइमेट एक्शन (पर्यावरण), लाइफ ऑन लैण्ड (वन), पीस जस्टिस एण्ड स्ट्रॉन्ग इंस्टीट्यूशंस (गृह) तथा पार्टनरशिप्स ऑफ गोल्स (वित्त) की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने इन एसडीजी के नोडल विभागों, जिनमें ग्राम्य विकास, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, माध्यमिक शिक्षा, महिला कल्याण, सिंचाई, ऊर्जा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, औद्योगिक विकास, नगर विकास, समाज कल्याण, पर्यावरण, वन, वित्त, पंचायती राज एवं गृह सम्मिलित हैं, के अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा सचिवों से उनसे सम्बन्धित लक्ष्यों को प्राप्त करने के सम्बन्ध में किए जा रहे प्रयासों/कार्यों के विषय में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नोडल विभाग स्वयं से लिंक्ड विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए परिणामपरक कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग कार्ययोजना बनाकर सतत् विकास के लक्ष्यों को समयबद्धता के साथ प्राप्त करने की कार्रवाई करें। सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा उपलब्ध करायी गयी रिपोर्टों का प्रकाशन छोटी और बड़ी आकार की बुकलेट में किया जाएगा और इनका वितरण जनप्रतिनिधियों में सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में सतत विकास के इन लक्ष्यों के तहत नोडल विभागों तथा अन्य सम्बन्धित विभागों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की प्रगति का आंकलन कर सकें। उन्होंने नियोजन विभाग को नोडल/सम्बन्धित विभागों द्वारा उपलब्ध करायी जा रही रिपोर्टों की मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत् विकास के लक्ष्यों के तहत निर्धारित स्वच्छता के लक्ष्य (शौचालय निर्माण), विद्युतीकरण (सौभाग्य योजना), ऊर्जा (उज्ज्वला योजना) तथा अन्य कई लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा पहले से ही प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें काफी सफलता भी मिली है। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत् विकास के लक्ष्यों का लाभ वंचित वर्गों तक पहुंचाने के उद्देश्य से तकनीक का प्रयोग किया जाए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि सतत् विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति गुणवत्तापरक होनी चाहिए, तभी समाज को इनका लाभ मिलेगा। उन्होंने इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की सहभागिता भी सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शांतिपूर्ण एवं समावेशी संस्थाओं के निर्माण के सम्बन्ध में गृह विभाग की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने, दुर्घटना में होने वाली मृत्यु तथा हत्याओं पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। बच्चों के प्रति हिंसा को रोकने के सम्बन्ध में उन्होंने पॉक्सो के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों और संगठित अपराध को हर हाल में रोकना होगा।


Popular posts from this blog

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन

भारत विदेश नीति के कारण वैश्विक शक्ति बनेगा।

मंत्र की उपयोगिता जांचें साधना से पहले