अजय कुमार लल्लू ने उप्र कांग्रेस के अध्यक्ष का पदभार संभाला


लखनऊ।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया। अपनी जमीनी और साधारण कार्यकर्ता की छवि को बरकार रखते हुए वह गोरखपुर से लखनऊ रोडवेज बस से पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी अपने नये अध्यक्ष का भव्य तरीके से स्वागत किया। पॉलीटेक्निक चौराहे से जुलूस के साथ उन्हें पार्टी कार्यालय लाया गया।
लखनऊ पहुंचे लल्लू ने बाबा साहब बी.आर. आंबेडकर, महात्मा गांधी व सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेता पी.एल. पुनिया, निर्मल खत्री, प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा मौजूद रहे। पूरे रास्ते जगह-जगह नए प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत हुआ। पूरा रास्ता बैनर और पोस्टर से पटा हुआ था। बता दें कि अजय कुमार लल्लू मौजूदा कुशीनगर जिले की तमकुही राज सीट से कांग्रेस के विधायक हैं।
उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेसजनों को सम्बोधित करते हुए नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार 'लल्लू' ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने एक साधारण कार्यकर्ता को जो इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है और भरोसा जताया है तो यकीनन विश्वास दिलाना चाहता हूं कि एक-एक कार्यकर्ता के मान-सम्मान, हक, अधिकार के लिए जनता की आवाज के लिए, कांग्रेस को मजबूत करने के लिए शरीर का एक-एक कतरा कुर्बान करना पड़ता तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होने कहा कि नौजवानों, किसानों, मजदूरों, शोषितों, वंचितों एवं महिलाओं के सम्मान की लड़ाई लड़ते हुए उन पर 32 मुकदमें दर्ज हुए और 18 बार उन्हें जेल जाना पड़ा और यातनाएं सहनी पड़ी और इस लड़ाई और कांग्रेस के लिए यदि 1800 बार जेल जाना पड़े तो भी वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होने कहा कि हमें नौजवानों की आवाज बननी है, बेटियों की आवाज बननी है, पत्रकार साथियों की आवाज बननी है, सड़क पर संघर्ष करना है। राजनीति में मुकदमें इनाम हुआ करते हैं, लाठियां सरकारी सौगात हुआ करती हैं और जेल एवं रेल, स्थायी घर हुआ करते हैं इस जज्बे को लेकर हम चलेंगे और मौजूदा लोकतंत्र की हत्यारी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और 2022 में कांग्रेस की सरकार बनायेंगे इसके लिए आज से ही सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक देना है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी की लोकतांत्रिक परिपाटी का बखान करते हुए कहा कि उन्होने यूथ कांग्रेस के बूथ अध्यक्ष से सक्रिय राजनीति की शुरूआत की थी और तमाम पारिवारिक एवं आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद जनता के हितों के लिए अनवरत संघर्षों के बल पर तमकुहीराज की जनता ने उन्हें विधायक बनाया। उन्होने कहा कि अगर हिम्मत हो, जूझने की क्षमता हो, खुद पर विश्वास हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है। इस संदर्भ में उन्होने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि महाविद्यालय द्वारा 50 रूपये लेकर भी कुर्सी पर बैठने की सुविधा न दिये जाने को लेकर उन्होने जो छात्र आन्दोलन की शुरूआत की और उसमें उन्हें यातनाएं सहनी पड़ी लेकिन सफलता मिली और उसी का परिणाम रहा कि वह उसी महाविद्यालय में छात्रसंघ के महामंत्री और अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होने कहा कि छात्र जीवन के संघर्षों ने व्यवस्था की खामियों से अवगत कराया और उसके खिलाफ लड़ाई ने व्यवस्था परिवर्तन के खिलाफ लड़ने की ताकत दी। उन्होने नवनियुक्त प्रदेश कमेटी के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और कांग्रेसजनों से संघर्ष में साथ देने के लिए दोनों हाथ उठाकर संकल्प करवाया। उन्होने कहाकि आज बहुत सी चुनौतियां हमारे सामने हैं। बुन्देलखण्ड के किसानों की समस्याएं हमारे लिए चुनौती हैं, छात्रसंघ की बहाली की मांग करने वालों के खिलाफ सरकारी प्रताड़ना, ध्वस्त कानून व्यवस्था, गन्ना किसानों की समस्या और आलू उत्पादक किसानों की समस्याएं चुनौती हैं, पत्रकारों पर मुकदमा लिखा जा रहा है, हाटा में पत्रकार की गला रेतकर हत्या की जाती है यह चुनौतियां हैं, जो प्रदेश का वर्तमान निजाम है उसे उखाड़ फेंकने की चुनौती है। उन्होने कहा कि देश में भाजपा, आरएसएस के खिलाफ लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ाई राहुल गांधी जी ने लड़ी। 4 हजार करोड़ रूपये खर्च करके भाजपा सरकार ने तमाम तरह के मिथ्या प्रचार करके अनर्गल आरोप लगाने का प्रयास किया। किसानें के मुआवजे के लिए टप्पल में लड़ाई लड़ी और इन किसानों के खिलाफ खड़े तमाम उद्योगपतियों को मिलने का समय नहीं दिया। उन्होने कहा कि सदन से सड़क तक किसानों, शोषितों, वंचितों, पीड़ितों की लड़ाई राहुल जी ने लड़ी। उन्होने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उ0प्र0 में संघर्ष का स्पष्ट संदेश दे दिया है, उन्होने सोनभद्र में कार्यकर्ताओं के साथ तपती धूप में जमीन पर बैठकर पीड़ित आदिवासियों को न्याय दिलाने का काम किया, जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, वह डटी रहीं,ं उन्नाव की बेटी के न्याय दिलाने का मामला हो अथवा शाहजहांपुर की बेटी को न्याय दिलाने का मामला हो, उन्होने स्वयं सड़क पर उतरकर संघर्ष किया। जबकि इन सभी मामलों में दोषी लोगों को बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने तमाम कुचक्र रचे। चुनार के किले में बिजली काटने का मामला हो या शाहजहांपुर में रातों रात पदयात्रा को जबरन रोककर बार्डर सील करके तीन हजार से अधिक कांग्रेसजनें को गिरफ्तार करने से भी सरकार नहीं चूकी। उन्होने मंच से कांग्रेसजनों का आवाहन करते हुए कहा कि आपके समर्थन और आर्शीवाद से 2022 में भाजपा की सरकार जायेगी और कांग्रेस की सरकार आयेगी।
इस मौके पर नवनियुक्त कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा'मोना' ने समारोह को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि कांग्रेस पार्टी के इतिहास में इन्दिरा गांधी का खून शामिल है। राजीव जी की शहादत शामिल है। यह वह कांग्रेस है जिसके कार्यकर्ताओं एवं झण्डे ने देश को आजादी दिलाई है। कांग्रेस पूरी ताकत के साथ फिर से खड़ी होगी। प्रियंका जी ने संघर्ष की जो मशाल जलाई है वह जलती ही रहेगी।  

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