अमेठी में हिरासत में हुई मौत को लेकर पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज



अमेठी।

सूबे के जनपद अमेठी बैंक डकैती के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद मंगलवार को पुलिस हिरासत में मारे गए सत्य प्रकाश शुक्ला की हिरासत में हुई मौत को लेकर अज्ञात पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया गया है। 45 वर्षीय व्यापारी की मौत के बाद सुल्तानपुर जिले की शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शुक्ला के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की यातनाओं के कारण उनकी मौत हुई। मृतक के परिजनों ने मंगलवार को क्षेत्रीय लोगों के साथ मिलकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए धरना दिया। पुलिस ने कहा कि पांच अक्टूबर को एक कैश वैन में यूको बैंक की शाखा में पैसे स्थानांतरित किए जा रहे थे। उस दौरान बैंक कर्मचारियों से हुई 26 लाख रुपये की लूट में शुक्ला उर्फ साजन शुक्ला कथित तौर पर शामिल था।
पुलिस ने दावा किया कि उसके पास शुक्ला से पूछताछ करने के लिए पर्याप्त सबूत थे, लेकिन परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शुक्ला से इसी मामले में दो बार पहले भी पूछताछ की गई और कोई सबूत नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया था।
शुक्ला के भाई ओम प्रकाश ने दावा किया कि अमेठी के पीपरपुर पुलिस थाने के पुलिसकर्मी मंगलवार सुबह तीन बजे उनके घर में घुस गए और परिवार को कारण बताए बिना साजन शुक्ला को उनके दो बेटों राहुल और साहिल के साथ जबरन ले गए। ओम प्रकाश ने कहा कि बाद में परिजनों को सूचित किया गया कि उनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई है। शुक्ला के दोनों बेटों ने भी दावा किया कि उनके पिता को लूट में शामिल होने की बात स्वीकार करने के लिए प्रताड़ित किया गया था।
अमेठी की पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शुक्ला ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसकी तबियत खराब हो गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में सुल्तानपुर जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया जहां उसकी मौत हो गई।




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