बहिष्कार के बावजूद विशेष सत्र में शामिल होने पहुंचे बसपा विधायक

लखनऊ।


उत्तर प्रदेश में महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में बुलाए गए विधानमंडल के विशेष सत्र का बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा बहिष्कार किये जाने के बावजूद श्रावस्ती से विधायक असलम रायनी पार्टी लाइन से इतर सदन की कार्यवाही में शामिल हुए।
सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के बाद रायनी ने कहा कि मैंने सत्तापक्ष के अच्छे कामों की सराहना की है और सदन को सत्ता पक्ष की खामियां बतायी हैं। पार्टी के बहिष्कार के ऐलान के बावजूद कार्यवाही में उनके भाग लेने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह अंतरआत्मा की आवाज पर सदन में गए। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण जब इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा तो उसमें मेरा भी नाम होगा। यही सोचकर मैं सदन में हिस्सा लेने पहुंचा। रायनी ने कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में मायावती ही नंबर वन रही हैं। उन्होंने कहा कि बसपा में कांशीराम का जो कैडर कैम्प था, उसे भाजपा ने अपना लिया है। हालांकि उन्होंने भाजपा में शामिल होने की संभावना को नकार दिया। विधायक ने कहा कि 36 घंटे के ऐतिहासिक सदन का गवाह बनने आया था।
रायनी ने कहा कि आजम खां पर जो राजनीतिक द्वेष के कारण मुकदमे लगाए गए हैं, उन्हें हटाया जाए। इससे सरकार और पार्टी की बदनामी हो रही है। अल्पसंख्यक बच्चों का अहित हो रहा है।


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