भदोही : शुभम की मौत के पीछे क्या छुपी है हत्या की गहरी साजिश?

प्रयागराज जाने को निकला शुभम कैसे पहुंच गया तालाब पर, उसे डूबते हुए देखने वाले उसे दो साथी कौन
घटना स्थल पर अलग-अलग बिखरे मिले कपड़े जबकि गायब मिली नगदी और मोबाइल
भदोही।


जौनपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह तकरीबन 8ः00 बजे तालाब में डूबे भदोही के युवक शुभम मालवीय (24) का शव बरामद कर लिया। पूरे 20 घंटे के बाद ग्रामीणों के सहयोग से गहरे तालाब से शव को बरामद किया गया। लेकिन शव बरामद होने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं कि युवक की हत्या तालाब में डूबने से हुई या फिर उसकी हत्या कर तालाब में डाला गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्यों से तरह-तरह के सवाल उठते हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरी स्थिति पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने बाद साफ होगी। लेकिन अभी तक यह घटना एक अबूझ पहेली बनी है।
जौनपुर की मीरगंज पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से 20 घंटे बाद शव को बरामद किया। मंगलवार को दोपहर तकरीबन 12 बजे जंघई -जनौना मार्ग के करीब स्थित दुल्हीन क बारी नामक स्थित एक प्राचीन और गहरे तालाब में वह डूब गया था। शव को निकालने के लिए मंगलवार की देर शात तक प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरे दिन बुधवार की सुबह उसका शव गहरे पानी से बरामद किया गया। लेकिन युवके शरीर में कोई सूजन नहीं थी। पेट से पानी का अंश बाहर नहीं निकला। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा रही कि अगर कोई आदमी तालाब में डूबता है तो उसके अंदर काफी मात्रा में पानी अंदर चला जाता है। लेकिन शुभम मालवीय के शरीर से एक ग्लास भी पानी नहीं निकला। उसके शरीर में कोई सूजन और जख्म के निशान नहीँ मिले हैं। लेकिन लोगों ने बताया कि शरीर काला पड़ गया था। जबकि पानी में डूबने वाले व्यक्ति का शरीर काला नहीं पड़ता है। फिर सवाल उठता है कि क्या शुभम की हत्या कर तालाब में डाला गया। घटना को क्या नाटकीय रुप दिया गया। उसकी मौत एक साजिश है या फिर सामान्य हादसा। जिस तालाब पर यह घटना हुइ है वह बेहद सूनसान है। वहां कोई अकेले दिन में भी नहीं जाता है। वह अपराधियों की शरण स्थली भी है।
भदोही जिले के सुरियावां थाने के किर्तीपुर गांव निवासी शुभम मालवीय (24) चंद्रदेव मालवीय उर्फ  नन्हकू का बेटा है। परिजनों के अनुसार वह प्रयागराज में रहकर पढ़ाई-लिखाई करता था। पिता की तरफ से जौनपुर के मीरगंज पुलिस को दी गयी तहरीर में कहा गया है कि मंगलवार की सुबह वह प्रयागराज जाने के लिए घर से निकला था। वह एक सेंकेड हैंड बाइक भी खरीदना चाहता था। जिसके लिए वह 12 हजार रुपया भी लेकर निकला था। अहम सवाल है कि शुभम घर से जब प्रयागराज जाने को निकला था तो वह इस सूनसान तालाब पर कैसे पर पहुंचा। शुभम के घर से जंघई रेलवे स्टेशन की दूरी मात्र सात किमी है। इस दौरान वह चार घंटे क्या कर रहा था। वह प्रयागराज जाने के बजाय इस तालाब पर कैसे पहुंच गया।
जिस दौरान यह घटना हुई वहां उसके दो साथी वहां मौजूद कैसे थे। उनका दावा है कि उन्होंने बांस और रस्सी डाल कर उसे बचाने की कोशिश किया लेकिन वह डूब गया। शुभम तैरना भी जनता था, तालाब का पानी शांत है उसमें कोई बेग और बहाव नहीं था फिर वह कैसे डूब गया। जब वह प्रयागराज को निकला था तो वापस घर की तरफ़ तालाब पर कैसे आया। वह डूब रहा था तो उसका साथी अचानक वहां कैसे पहुंच गए। बाइक खरीदने के लिए जब उसे जंघई में उसके किसी साथी या अपने करीबी ने पैसा उपलब्ध करा दिया था तो वह फिर तीन किमी वापस क्यों लौटा। घटना स्थल से दो पैकेट में जंघई का लडडू बरामद किया गया है। उसने लड्डू क्यों खरीदा। जिस तालाब पर यह घटना हुइ वहां एक प्राचीन बजरंगवली का मंदिर भी है। घटना स्थल से जौनपुर की मीरगंज पुलिस ने कपड़े, जूते-मोजे और एक कापी बरामद की है। तालाब के पश्चिमी छोर से शराब की खाली बोतल, बिसलरी का पानी और दो ग्लास भी बरामद हुई है। जितने भी सामना पाए गए हैं सब अलग-अलग स्थानों से बरामद हुए हैं। जबकि अगर कोई  व्यक्ति स्नान करने जाता है तो कपड़े, जूते-मोज पैसे और चढ़ावे एक स्थान पर उतारता है। लेकिन यहां तो सभी सामान बिखरे पड़े थे। घटना स्थल से उसका मोबाइल और पैसा कहाँ गायब हौ गया। जब बाकि वस्तुएं घटना स्थल से बरामद हुई तो मोबाइल और पैसा कहाँ गायब गया? पिता की तहरीर में दो साथियों का भी जिक्र आया है वह साथी कहां के और कौन हैं। घटना स्थल से मिले साक्ष्यों और स्थितियों से यह साबित होता है कि मौत की गुत्थी पूरी तरह उलझी है। जौनपुर पुलिस ने भी कहा है कि पोस्टमार्टम मिलने के बाद स्थिति साफ होगी। फिलहाल अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन सवालों का उठना तो लाजमी है।


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