खादी महोत्सव में ‘‘दक्षिण भारत की झलक’’

लखनऊ।

उ.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वाधान में इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में 12 दिवसीय खादी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं, जो 02 अक्टूबर से शुरू है, और 13 अक्टूबर को समाप्त होगा। महोत्सव का आज चैथा दिन है।
वीकेन्ड व छुट्टियां होने के कारण स्टालों पर आज भारी संख्या में लोग अपनी पसन्द के सामानों की खरीदारी करते देखे गये। झांसी की इकाई महक फुटवेयर के स्टाॅल पर आधुनिक डिजाइन के लेदर के जूते, बैग, पर्स व बेल्ट आदि की काफी बिक्री हुई। इसके अलावा जूट से बने हुए थेैले भी लोगों को काफी पसन्द  आये।
जाड़े का मौसम दस्तक देने को है, जिसकी तैयारी लोगों ने पहले से ही कर ली और ऊनी कपड़ों जैसे कम्बल, जैकेट, सदरी आदि की महोदत्सव में काफी बिक्री हुई। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी से बने उत्पाद, भदोही के कम्बल व कारपेट, वाराणसी की रेशम व सिल्क की साड़ियां, राजस्थान का बीकानेरी पापड़ व नमकीन तथा गुजरात की हस्तकला से निर्मित उत्पाद भी उपलब्ध हैं, जिनकी लोगांे ने जमकर खरीदारी की। महोत्सव में अब तक लगभग रू0 29.50 लाख की बिक्री हो चुकी है।
सांस्कृतिक संध्या में आज का मुख्य आकर्षण रहा अमृत सिन्हा व साथियों द्वारा प्रस्तुत दक्षिण भारत का प्रसिद्ध भरतनाट्यम लोकनृत्य, जिसने पाण्डाल मेें उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाई। इसके अलावा मंजू सिंह व साथियों द्वारा अलग-अलग गीत पर जागर, घूमर, भोजपुरी व कोली लोकनृत्य की सुन्दर प्रस्तुतियां भी दी गयी जिसे देखकर दर्शक झूम उठे।


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