खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मारे 1536 छापे, 1759 नमूने किये संग्रहित

आगामी दीपावली के त्योहार के दृष्टिगत आम जन मानस को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त जनपद में 17 से 26 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों के सघन निरीक्षण किए जा रहे है तथा जिसकी जनपदवार दैनिक समीक्षा शासन स्तर पर की जा रही है।
डा0 अनिता भटनागर जैन, अपर मुख्य सचिव, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि अब तक करीब 3530 निरीक्षण में 1536 छापे मारे गये हैं तथा 1759 नमूने संग्रहित किये गये है। अब तक कुल जब्त सामग्री 0.92 लाख किलो व नष्ट करायी गयी सामग्री 0.16 लाख किलो कुल 1.08 लाख किलो सामग्री जब्त की गयी। जब्त की गयी सामग्री का मूल्य 85.00 लाख है और नष्ट की गयी सामग्री का मूल्य 20.00 लाख है अर्थात कुल 1.05 करोड़।
खाद्य पदार्थ जिनके सम्बन्ध में कार्यवाही की गयी है उनमें नमकीन, खाद्य तेल व वनस्पति, सरसों का तेल, सोहन पापड़ी, मिठाई, खोया, रंगीन चीनी के खिलौने व अन्य पदार्थ सम्मिलित हैं। जनपद झांसी में बहुत बड़ी मात्रा में पाम ऑयल और घी जब्त किया गया है और जनपद कुशीनगर में 10,000 किलो मटर की दाल जब्त हुयी है। दीवाली अभियान के दौरान विभिन्न पदार्थो की असुरक्षित ढंग से स्टोरेज जोकि स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है, अनेक खाद्य पदार्थ इक्सपायरी हो चुके थे। कुछ खाद्य पदार्थो में दूसरी कम्पनी के फर्जी लेबिल लगाने व कुछ में भविष्य की उत्पादन तिथि के डालने के भी प्रकरण सामने आये हैं।
प्रतिदिन लिये जा रहे सैम्पल गोपनीय रूप से आवंटित प्रयोगशालाओं को विशेष वाहक के माध्यम से प्रेषित किये जा रहे है, जिससे कि उनका परीक्षण न्यूनतम अवधि में कर दिया जाये।
अब तक विश्लेषित सैम्पल के आधार पर 33ः मानकानुसार, 13ः मिथ्याछाप, 50ः अधोमानक व 4ः असुरक्षित पाये गये है। मिठाई में 4ः, अन्य खाद्य पदार्थो में 14ः  असुरक्षित पाये गये हैं। नमकीन में अबतक प्रत्येक सैम्पल के विश्लेषण के आधार पर अधिकतम मिथ्याछाप यानि निर्माण तिथि, एक्सपायरी की तिथि न होना पाये गये हैं। अन्य खाद्य पदार्थो में भी मिथ्याछाप के प्रकरण अधिक हैं। दुग्ध पदार्थो में अधोमानक का प्रतिशत अधिक है। मानकानुसार खाद्य पदार्थो में दुग्ध पदार्थ में अब तक 14ः व नमकीन में 46ः पाये गये हैं।
सैम्पल विश्लेषण के उपरान्त विश्लेषण की रिपोर्ट के आधार पर न्यूनतम अवधि में परिवाद दाखिल करने और सम्बन्धित के विरूद्व कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये गये हैं। जनसामान्य से भी यह अनुरोध है कि खाद्य पदार्थ का क्रय करते समय उसके लेबिल पर तथा उत्पादन व एक्सपायरी की तिथि पर अवश्य ध्यान दें।


Popular posts from this blog

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन

भारत विदेश नीति के कारण वैश्विक शक्ति बनेगा।

मंत्र की उपयोगिता जांचें साधना से पहले