लखनऊ मेट्रो के एमडी ने आई.आई.एम. के छात्रों से सांझा किये मेट्रो उत्कृष्टता के दो वर्ष

लखनऊ।

लखनऊ मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने आई.आई.एम् लखनऊ द्वारा बुलाये जाने पर इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट के छात्रों को सम्बोधित करते हुए लखनऊ मेट्रो के संचालन के सफलतापूर्वक दो वर्षो के बारे में बताया। साथ ही केशव ने 8 मार्च २०१९ को शुरू हुए हमारे पूरे 23 किलोमीटर के उत्तर दक्षिण कॉरिडोर की उपलब्धियों के बारे में बताया।  
उन्होंने छात्रों को सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, समय की एहमियत और अखंडता समझने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि ''किसी भी परियोजना की सफलता के लिए उचित योजना, समय प्रबंध और उचित कार्य पालन की आवश्यकता होती है। इन नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए ही आप एक शानदार उपलब्धि की आधार शिला स्थापित कर सकते है।''
कुमार केशव ने छात्रों को ये भी बताया कि हॉलैंड में नेशनल डे ऑफ रेल के अवसर पर लखनऊ मेट्रो के कार्य की प्रशंसा की गयी थी। उन्होंने छात्रों को बताया कि बाहर देश में कोई नहीं जानता कि भारत में लखनऊ नाम का शहर है वो लखनऊ मेट्रो प्रोजेक्ट की उपलब्धि से लखनऊ को जानते हैं क्योंकि लखनऊ मेट्रो दुनिया का सबसे तेज बनाया जाने वाला मेट्रो प्रोजेक्ट है। लखनऊ मेट्रो जैसा विशाल प्रोजेक्ट एक दी गयी समय सीमा से पहले पूरा करना कोई आसान बात नहीं थी। निरंतर परिश्रम और लगन से ही ऐसे असंभव परीक्षाफल की प्राप्ति की जा सकती है।    
लखनऊ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तीन साल से भी कम समय में पूरा होने से ही इससे पहले के किसी भी मेट्रो द्वारा दर्ज किये गए सारे अभिलेख टूट गए है। यह हमारे कुशल टीम वर्क और निरंतर मेहनत का ही फल है जो हम लोग इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा कर पाए और लखनऊ के लोगो को दुनिया की सबसे बेहतरीन मेट्रो रेल सेवा प्रदान कर पाए है।
अपने हाल ही के अनुभव को साझा करते हुए कुमार केशव ने बताया कि गाँधी जी के 150वीं वर्षगाठ पर लखनऊ मेट्रो ने अपने परिसर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया था। लखनऊ मेट्रो ने लेखराज मेट्रो स्टेशन पर 24 घंटे चलने वाली वाटर एटीएम मशीन लांच करी और साथ ही में सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर एक सम्पूर्ण दीवार बापू को समर्पित करी है और उसपे उनके जीवन यात्रा को 19.7 मी. गुणे 2.7 मी. के आकर की तस्वीरो द्वारा दर्शाया है।  
केशव ने कहा कि “यह सिर्फ कुछ तस्वीरो का संग्रह नहीं बल्कि सीख देने का एक जरिया है जिससे लाखो लोग अपने जीवन में आगे बढ़ सकेंगे। महात्मा गाँधी का पूरा जीवन बलिदानों से भरा हुआ है जिसे देख कर पढ़ कर अभी हमे बहुत कुछ सीखना है ताकि हम अपने आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित व सभ्य समाज दे सके।”

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