मैनपुरी में जयपुर से फतेहगढ़ जा रही लग्जरी बस पलटी, 60 घायल

मैनपुरी।


जनपद में जयपुर से फतेहगढ़ जा रही प्राइवेट लग्जरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में 60 यात्री सवार थे। मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र के ग्राम कंजाहार के निकट हादसा हुआ। बस पलटते ही आसपास के लोग यात्रियों को बचाने के लिए मौके पर दौड़ पड़े। खबर पाकर पहुंची पुलिस के सहयोग से ग्रामीणों ने यात्रियों को बाहर निकाला। एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ है। बस में सवार अन्य यात्रियों की स्थानीय चिकित्सकों से उपचार दिलाया गया।
घटना गुरुवार सुबह 6रू15 बजे की है। बस संख्या आरजे 14 पी ई 9105 में 60 से अधिक यात्रियों को लेकर बस बुधवार की रात जयपुर से मैनपुरी होकर फतेहगढ़ के लिए रवाना हुई। गुरुवार की सुबह बस जैसे ही दन्नाहार थाना क्षेत्र में ग्राम कंजाहार के निकट पहुंची। तभी फोरलेन के डिवाइडर के लिए खाली छोड़े गए स्थान पर बस के पहिए आ गए और बस फिसल कर अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार बस पलटने के बाद आगे की घिसटती चली गई। तेज धमाके और चीख पुकार की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिसकर्मियों ने घायलों को स्थानीय चिकित्सकों से दिलाया उपचार
खबर मिलते ही थाना प्रभारी आदित्य कुमार, प्रवर्तन अधिकारी कौशलेंद्र सिंह कई थानों की पुलिस लेकर मौके पर आ गए। पुलिस की मदद से घायलों को निकाला गया। घटना में राजस्थान के नागौर जनपद के कुड़िया निवासी वीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले घिरोर सीएससी भेजा गया जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वीरेंद्र का चयन आर्मी में हो गया है। वह फतेहगढ़ स्थित परीक्षण केंद्र पर प्रशिक्षण लेने के लिए निकला था। घटना की जानकारी उसके परिजनों को दी गई है।

घटना के बाद चालक परिचालक मोके से भागे
अन्य घायलों को स्थानीय स्तर पर उपचार दिला कर अन्य वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। घटना के बाद चालक परिचालक मौके से भाग निकले। पुलिस ने बस नंबर के आधार पर बस मालिक को घटना की जानकारी देकर थाने बुलाया है। घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि फोरलेन का निर्माण चल रहा है। घटना स्थल के पास रूट डायवर्ट करने के लिए ड्रम लगाए गए हैं। डिवाइडर भी नहीं बना है खाली स्थान छूटा हुआ है। इसी के चलते हादसा हुआ।


 


Popular posts from this blog

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन

मंत्र की उपयोगिता जांचें साधना से पहले

’’पवन गुरू, पानी पिता, माता धरति महत’’ को अपने जीवन का अंग बनायें : स्वामी चिदानन्द सरस्वती