मुख्यमंत्री ने ‘उ.प्र. खादी महोत्सव-2019’ का किया उद्घाटन

प्लास्टिक न सिर्फ मनुष्य, बल्कि पशुधन, धरती माँ, पर्यावरण और प्रकृति के लिए गम्भीर खतरा : मुख्यमंत्री
लखनऊ।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्लास्टिक को आज के युग का रक्तबीज बताते हुए लोगों से 'प्लास्टिक मुक्त भारत' अभियान से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक न सिर्फ मनुष्य, बल्कि पशुधन, धरती माँ, पर्यावरण और प्रकृति के लिए भी गम्भीर खतरा है। भारत को इससे मुक्त बनाकर ही हम सभी अपने और आने वाली पीढ़ियों के साथ न्याय कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री बुद्धवार को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'उत्तर प्रदेश खादी महोत्सव-2019' के उद्घाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा फ्लिपकार्ट के मध्य हस्ताक्षरित एमओयू अभिलेखों का आदान-प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सोलर चरखे, इलेक्ट्रिक चाक, दोना-पत्तल बनाने की मशीन के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इनके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना तथा पं0 दीन दयाल ग्रामोद्योग योजना के लाभार्थियों को चेक प्रदान किए। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपए के ऋण प्रदान किए गए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए दिनांक 01 अक्टूबर, 2019 से 31 दिसम्बर, 2019 तक खादी की बिक्री पर 05 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोग की सी0बी0सी0 योजना के अन्तर्गत लगभग 3900 इकाइयों पर 34 करोड़ रुपए का मूलधन ऋण के रूप में अवशेष है। इसके सम्बन्ध में एकमुश्त समाधान योजना (ओ0टी0एस0) के लाभ की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव बनाया जाए। वर्तमान में उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित किए जा रहे 10 स्थानों के प्रशिक्षण केन्द्रों को बढ़ाकर कौशल विकास के साथ जोड़ते हुए प्रत्येक मण्डल में 01 प्रशिक्षण केन्द्र, कुल 18 केन्द्र स्थापित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन भारत माता के दो महान सपूतों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयन्ती है। इन दोनों महापुरुषों ने देश और दुनिया को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के 150वीं जयन्ती वर्ष पर देश और दुनिया में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जो भारत के बढ़ते प्रभाव के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का सपना स्वदेशी और स्वावलम्बन का था, जिसका आधार खादी बनी। खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि एक विचार और भारत की पहचान है। खादी ने स्वाधीनता आन्दोलन को एक नई ऊंचाई दी और देश को आजाद कराया। उन्होंने कहा कि खादी व ग्रामोद्योग के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं हैं। यह वह क्षेत्र है, जो कम पूंजी में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। भारत एक युवा देश और उत्तर प्रदेश एक युवा प्रदेश है। इस प्रदेश में अपार युवा ऊर्जा है, जिसे खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराकर समृद्धि हासिल की जा सकती है। इस क्षेत्र में विगत डेढ़-दो वर्षों में 03 हजार 350 करोड़ रुपए के ऋण व अनुदान उपलब्ध कराए गए, जिनसे 08 लाख 74 हजार रोजगार सृजित हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व में जो कम्बल कारखाने बन्द हो गए थे, उन्हें पुनः प्रारम्भ किया गया। यह कारखाने अच्छी क्वालिटी के कम्बल का उत्पादन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के ग्राम स्वराज्य और स्वावलम्बन की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए खादी की उत्कृष्टता को बढ़ाना होगा। इसे आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ना होगा। इसके दृष्टिगत सोलर और इलेक्ट्रिक चरखे को यदि अपनाया जाए और इसे घर-घर पहुंचाया जाए, तो लोगों को रोजगार मिलेगा और उनका जीवन स्तर ऊपर उठेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को खादी की गुणवत्तापूर्ण यूनीफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए महिला स्वयंसेवी समूहों को जोड़ते हुए कार्य किया जाए, तो यह ग्रामीण स्वावलम्बन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। खादी उत्पाद के लिए नये उपकरणों को अपनाते हुए प्रशिक्षण भी दिलाया जाए। इससे व्यापक परिवर्तन आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परम्परागत रोजगार और उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उ0प्र0 माटी कला बोर्ड का गठन किया गया है। अप्रैल माह से जून माह तक कुम्हार और प्रजापति समुदाय के लोगों को तालाबों की मिट्टी निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उत्पादों के लिए लोगों को निःशुल्क मिट्टी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही, जल संचयन व संरक्षण कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइन में सुधार लाकर इन्हें पूरे देश में लोकप्रिय किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के क्षेत्र में भी व्यापक सम्भावनाएं हैं। इस क्षेत्र में आगामी ढाई वर्ष में 25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों और उनसे जुड़े शिल्पियों व कारीगरों को लाभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पादों के सम्बन्ध में अमेजन के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया जा चुका है। यह प्रसन्नता की बात है कि आज फ्लिपकार्ट के साथ भी एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है। इसी प्रकार कई संस्थाओं से एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी महापुरुष की जयन्ती का महत्व तब तक नहीं है, जब तक कि उनके उच्च आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त कर आगे न बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी ने अपने आन्दोलन के जरिए देश के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी और गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया। आज हम दुनिया के एक बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हैं और आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर हैं। इस विकास यात्रा को पूरी दुनिया कौतूहल और आश्चर्य से देख रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू का दर्शन हम सभी को प्रेरणा देता है। उनकी कथनी और करनी में कोई भेद नहीं था। उनका अस्त्र, सत्य और अहिंसा था। स्वच्छता उनका मूलमंत्र था। उनका मानना था कि स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। यदि व्यक्ति स्वच्छता को नहीं अपनाता तो वह स्वस्थ नहीं होता। स्वस्थ न होने की स्थिति में वह अनुशासित नहीं होता और यदि वह अनुशासित नहीं है तो उसमें नेतृत्व या लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्य करने की क्षमता नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के इसी सिद्धान्त को मानते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 से स्वच्छ भारत मिशन प्रारम्भ किया और 05 वर्षों के बाद आज यह मिशन एक जनान्दोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री का अभिनन्दन करते हुए कहा कि आज पूरा देश ओडीएफ घोषित किया जा चुका है और उत्तर प्रदेश को स्वच्छ भारत मिशन में सर्वाधिक जनसहभागिता के लिए प्रथम पुरस्कार मिला है।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती वर्ष में उनके आदर्शों और मूल्यों को अपनाए जाने पर जोर देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उ0प्र0 खादी महोत्सव खादी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बापू के स्वदेशी दर्शन को आमजन के साथ जोड़ते हुए उसकी दिनचर्या में शामिल किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार, स्वावलम्बन, समृद्धि की दिशा में प्रदेश व देश आगे बढ़ेगा और भारत एक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि खादी ने स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। चरखे ने स्वदेशी के नारे को बुलन्द किया तथा इसकी शक्ति के आगे अंग्रेजों को झुकना पड़ा। यह हमारे आर्थिक स्वावलम्बन का आधार बना। आगामी 01 वर्ष में खादी घर-घर पहुंचेगी। खादी एवं ग्रामोद्योग और माटी कला बोर्ड के माध्यम से आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद मिली है। खादी को युवाओं और आधुनिकता से जोड़े जाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
खादी एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित खादी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने महात्मा गांधी जी और शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। खादी तथा ग्रामोद्योग के सम्बन्ध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने खादी गीत और खादी के थैले का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर सांसद सत्यदेव पचैरी, उ.प्र. माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति, उपाध्यक्ष उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड राम गोपाल उर्फ गोपाल अंजान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, प्रमुख सचिव खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल, इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज कुमार, फ्लिपकार्ट के प्रतिनिधि रजनीश कुमार तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


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