शिक्षा ही जीवन में लाती है सकारात्मक परिवर्तन : राज्यपाल

डा0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 17वां दीक्षान्त समारोह सम्पन्न
लखनऊ।


उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है। देश के प्रत्येक नागरिक को साक्षर बनाने के लिए सफल प्रयास किये जा रहे हैं। शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित बालक-बालिकाओं को विश्वविद्यालय के संस्थान आईईटी लखनऊ के छात्र-छात्राओं द्वारा वंचितों के लिए परमार्थ नाम से सायंकालीन कक्षाएं संचालित कर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बालक-बालिकाओं को शिक्षा प्रदान की जा रही है। प्रत्येक छात्र-छात्राओं का सपना होता है कि उपाधि पूर्ण होते ही उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो। विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिबद्धता से कार्य करते हुए यूनिवर्सिटी इंडसट्री इंटरफेस सेल की स्थापना की है। इसके माध्यम से कैम्पस प्लेसमेंट के द्वारा पिछले 11 माह में 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान कराये गये है। डा0 एपीजे अब्दुल कलाम ने देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है।
यह विचार राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुद्धवार को डा0 एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय लखनऊ में आयोजित 17वें दीक्षान्त समारोह में छात्र-छात्राओं को मेडल व उपाधि प्रदान करने के बाद व्यक्त कर रही थीं। उन्होंने मेडल व उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि दीक्षान्त समारोह विद्यार्थी जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि जो ज्ञान उन्होंने यहां से अर्जित किया है उसे समाज की सेवा में तथा नये भारत के निर्माण में लगायेंगे। उन्होंने कहा कि सकारात्मक ढंग से सोचने और ज्ञान के पीछे भागने की सीख देने वाले डा0 एपीजे अब्दुल कलाम नाकामी को पहली सीढ़ी कहते थे। उनका कहना था कि सफलता मिलने पर भी कार्य को मेहनत से ही करते रहना चाहिए। डा0 एपीजे अब्दुल कलाम ज्ञान आधारित समाज का सपना देखते थे। ऐसी महान विभूति से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि डा0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय द्वारा ग्रामीण अंचलों में जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, जीरो बजट फार्मिंग, प्रदूषण नियंत्रण और वानिकी विकास के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के अवसर पर 20 संस्थानों को पुरस्कृत कर उत्कृष्टता की मिसाल कायम की है, जिन्होंने गाँव गोद लेकर ग्रामीण विकास में सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं स्वच्छ भारत अभियान मे सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए, जिससे सभी लोग स्वस्थ रहेंगे और स्वच्छता भी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केन्द्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता में है और उन्होंने महिलाओं को सशक्त व स्वावलम्बी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को एक जन आन्दोलन का रूप देने की आवश्यकता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने जल पुरूष राजेन्द्र सिंह को मानद उपाधि से सम्मानित किया।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलारानी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को गणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए नेशनल बोर्ड आफ एक्रीडिटेशन से विश्वविद्यालय से सम्बद्ध संस्थानों के पाठ्यक्रम में एक्रीडिटेशन करवाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में सहयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों हेतु एडवांस्ड स्टडीज की स्थापना की है।
मुख्य अतिथि जल पुरूष राजेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्षा जल का संचयन अवश्य किया जाना चाहिए, जल ही जीवन है इसलिए जल का संरक्षण किया जाना बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल का संचयन करने के लिए सभी लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। व जल के बिना जीवन बेकार है। इसको ध्यान में रखते हुए जल को बेकार बहने नहीं देना चाहिए।
कुलपति प्रो0 विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा संस्थानों में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राएं सर्व सुलभ और सस्ती, जनोपयोगी तकनीकी का निर्माण कर सकें, इसके लिए विश्वविद्यालय के द्वारा डा0 कलाम स्टार्ट अप परिक्रमा के माध्यम से सफल प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्रीनन्द लाल सिंह, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक, अधिकारी व कर्मचारी आदि उपस्थित थे।


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