स्टार्ट अप इंडिया ने युवाओं के सपनों को दिए पंख: डा दिनेश शर्मा

युवा में होती है कार्य करने की तमन्ना व उत्साह
लखनऊ।


उपमुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने कहा कि युवा को परिभाषित करते हुए कहा कि युवा वह है जिसमें कुछ कर गुजरने की तमन्ना, कार्य करने का उत्साह तथा लक्ष्य को हासिल करने की उत्कंठा हो। भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है जबकि चीन की आबादी आयु के मामले में बूढी हो रही है। युवा इस देश का कर्णधार बने यही देश के प्रधानमंत्री का सपना है। उन्होंने कहा कि किसी भी आन्दोलन के मूल में युवा ही होते हैं। इसी प्रकार 2014, 2017 तथा 2019 में भाजपा को मिली विजय के पीछे भी युवा थे जिनमें नया भारत बनाने की सोंच व उत्साह था। नौजवान ही परिवर्तन का वाहक बनते रहे हैं। झांसी की रानी से लेकर चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह आदि सभी युवा थे जिन्होंने अंग्रेजों को उन्ही की भाषा में जवाब दिया। देश को युवाओं ने नई राह दिखाने का काम किया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द भी युवा थे व जब अमेरिका गए तो वे साधारण वेषभूषा में थे जिसके चलते आयोजकों ने उन्हे नीचे बैठने का स्थान दिया। इस पर जब आयोजक ने उनसे क्षमा मांगी तो स्वामी विवेकानन्द ने कहा कि यह नीचे का स्थान सबसे सुरक्षित है जिसमें जरा सा भी अच्छा करने पर ऊपर जाने की संभावना रहती है पर जब ऊपर होते हैं तो जरा सी चूक से नीचे आने का डर होता है। नीचे का स्थान अच्छा काम करने की प्रेरणा देता है। आज समय का बदलाव आया है और युवाओं की ऊर्जा को महत्व मिला है। ऐसा समय भी आया जब देश में ऐसे लोग भी हुए जो पाकिस्तान की जीत पर मिठाई बांटते तथा भारत तेरे टुकडे होंगे का नारा लगाते थे। पर ऐसा समय भी आया जब ऐसे लोगों को परास्त करने वाले नौजवान भी दिखाई दिए। आज का नौजवान शिक्षा के बाद रोजगार चाहता है। प्रधानमंत्री ने इसके लिए कौशल विकास की योजना दी जिससे योग्यता बढे। इसके साथ ही स्टेंड अप इंडिया, मेक इन इंडिया व स्टार्ट अप इंडिया दिए। स्र्टाट अप के जरिए युवा को नौकरी पाने की जगह नौकरी देने वाला बनाने की नींव रखी गई। यह ऐसी योजना थी जो युवा की नई सोंच को पंख देने का काम कर रही है। बदलते समय के साथ ही नौजवानों का दायित्व भी बढा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के स्व प्रमोद महाजन ,उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद आदि किसी समय में विद्यार्थी परिषद के साधारण कार्यकर्ता रहे हैं। प्रधानमंत्री भी विद्यार्थी परिषद से जुडे रहे हैं। आज हमारा कर्तव्य है कि सोंचे कि देश को क्या दे सकते हैं। देश को समय के साथ ही प्रतिभा का सर्वस्व दे सकते हैं। आज भारत तेजी से प्रगति की राह पर आगे जा रहा है। हर क्षेत्र में नवाचार का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि हमे अपनी संस्कृति से दूर जाने से बचना होगा। भारत की संस्कृति एकता व जोडने की है जबकि पाश्चात्य संस्कृति बांटने की है। उन्होंने समारोह में सम्मानित हुए छात्रों को बधाई भी दी।



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