हाईप्रोफाइल जुआ प्रकरण: सभी जुआरियो की डीजे कोर्ट में पड़ी जमानत अर्जियाँ

05 नवम्बर को होगी सुनवाई, जेल में बंद जुआरियो पर आज लग सकता है गैंगेस्टर!
फतेहपुर।


दीपावली के दो दिन पूर्व शहर के आवास विकास कालोनी क्षेत्र में पकड़े गये सभी तीस जुआरियो की गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सभी के अधिवक्ताओ ने आज जिला जज विनोद कुमार तृतीय की कोर्ट में जमानत के लिये अर्जियाँ दाखिल की। कोर्ट ने इन अर्जियों पर सुनवाई की तारीख 05 नवम्बर नियत की है।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त जुआ फड़ से पुलिस ने साढे सोलह लाख के करीब नगदी व मौके से तीस जुआड़ियो को गिरफ्तार किया था जो एक सप्ताह से जेल में हैं। गुरूवार को इन जुआरियो की जमानत अर्जियाँ सीजेएम लाल बाबू यादव की कोर्ट से खारिज हो गई थी। जिसके बाद आज धारा 03 व 04 से सम्बंधित इस मामले में जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता बलिराज उमराव, राकेश वर्मा, सुशील मिश्रा, हंसराज सिंह, बलिराज उमराव, दिनेश पटेल, बुद्ध प्रकाश सिंह, रामविशाल वर्मा आदि ने अपने अपने मुवक्किलो की जमानत के लिये अर्जियाँ दाखिल की।
ज्ञातव्य रहे कि कोतवाली पुलिस ने इस मामले में तीस जुआरियो के खिलाफ जिन धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा कायम किया है। ये धाराये उन परिस्थितियों में ज्यादा खतरनाक साबित होती हैं जब फड़ से इतनी भारी मात्रा में बरामदगी होती है। इस मामले में पुलिस की अतिरिक्त टिप्पणी जुआरियो की समस्याएँ बढ़ाने वाली साबित हो रही हैं। यह धाराये सार्वजनिक द्यूत अधिनियम 1867 का अंग है। धारा 03 में जुआ घर का स्वामी होने या उसे चलाने या उसका भार साधक होने के लिये शास्ति व धारा 04 में जुअंाघर में पाये जाने के लिये शास्ति।
पुलिस द्वारा जिन तीस लोगों को जुए की फड़ से गिरफ्तार किया गया था। उधर सूत्रों के अनुसार प्रशासन इस मामले पर लगातार गम्भीर है और बकौल पुलिस चर्चित जुआघर संचालक समेत 14 अन्य या सभी पर गैंगेस्टर ऐक्ट के तहत कार्यवाही करने के मूड में है!





 




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