मानवीय गुणों से ओत-प्रोत मनुष्य लोक, राष्ट्र और मानवता के कल्याण की ओर सदैव रहेगा अग्रसर: मुख्यमंत्री



मनुष्य में पवित्रता, सत्यता, धीरता, मधुरता और विनम्रता का समावेश होना जरूरी: राजयोगिनी दादी जानकी
लखनऊ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मानवीय गुणों से ओत-प्रोत मनुष्य लोक कल्याण, राष्ट्र कल्याण और मानवता के कल्याण की ओर सदैव अग्रसर रहेगा। उन्होंने कहा कि मन, बन्धन और मोक्ष दोनों का ही नियन्ता है। मन अन्तर्मुखी और नियंत्रित होगा, तो वह व्यक्ति को सफलता और नई ऊँचाइयों की ओर ले जाएगा। बहिर्मुखी और चंचल होेने की स्थिति में यही मन, बन्धन और पतन का कारण बनेगा।
मुख्यमंत्री आज यहां गोमती नगर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तहत 'गुलजार उपवन' के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी एवं ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी द्वारा संयुक्त रूप से 'गुलजार उपवन' की शिला-पट्टिका का अनावरण किया गया। 'गुलजार उपवन', ग्राम कबीरपुर, सुल्तानपुर रोड, जनपद लखनऊ में ब्रह्माकुमारीज की सहयोगी संस्था राजयोग एजूकेशन एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन द्वारा निर्मित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राजयोगिनी दादी जानकी जी का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्था को 'गुलजार उपवन' की स्थापना के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह संस्था राजयोग के माध्यम से आम जनमानस को मानवीय जीवन मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ उनके आध्यात्मिक उत्थान और कल्याण के लिए प्रयासरत है। इस उपवन की स्थापना से संस्था के प्रयासों को और बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रतिवर्ष 21 जून को 'अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस' के रूप में मनाए जाने की मान्यता प्रदान की गई है। इससे योग को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। आज 193 से अधिक देश भारत की योग परम्परा से जुड़ गए हैं। इस प्रकार की अन्तर्राष्ट्रीय मान्यता से देश के 130 करोड़ से अधिक लोगों की जनसंख्या के गौरव में वृद्धि हुई है। साथ ही, भारत की समृद्ध परम्पराओं, वेदों, शास्त्रों और योग के प्रति भी अन्तर्राष्ट्रीय जगत की रुचि और झुकाव बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने राजयोगिनी दादी जानकी के दीर्घ व स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि 103 वर्ष की आयु में भी निरन्तर सेवा के कार्य में लगी हुई हैं। उनका सहयोग और मार्गदर्शन सभी को मिल रहा है। उनका जीवन योग की शक्ति का जीवन्त उदाहरण है। यह सुखद संयोग है कि 'गुलजार उपवन' की स्थापना प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रही है। इस उपवन की स्थापना से बड़ी संख्या में लोग योग, ध्यान व अध्यात्म के माध्यम से जीवन के वास्तविक और सच्चे मार्ग को प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था अपनी स्थापना के बाद से ही राजयोग और अध्यात्म के माध्यम से लोक कल्याण के कार्य में अपना योगदान दे रही है। सही जीवन मूल्य किसी भी समाज व राष्ट्र की ताकत होते हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में छोड़ना नहीं चाहिए। इनके अभाव में मनुष्य और मनुष्यता की कल्पना सम्भव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संस्था के पवित्र उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के कार्य में हर सम्भव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
प्रज्ञासम्पन्न राजयोगिनी दादी जानकी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के लिए वे स्वयं लखनऊ पधारी हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य के अन्दर हमेशा 05 प्राकृतिक गुणों-पवित्रता, सत्यता, धीरता, मधुरता और विनम्रता का समावेश होना जरूरी है, तभी वह जीवन के सही पथ पर आगे बढ़ सकेगा और समाज, राष्ट्र व दुनिया का कल्याण होगा।
ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने संस्था के परिचय एवं 'गुलजार उपवन' के निर्माण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय राजयोगिनी दादी जानकी जी के निर्देशन में भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, जल शक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, सूचना निदेशक शिशिर, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, माउण्ट आबू एवं भारत के अन्य राज्यों से आए हुए ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधि व पदाधिकारीगण उपस्थित थे।




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