प्रमुख वन संरक्षक पवन पर गिरी गाज

लखनऊ।


योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में भारतीय वन सेवा के अधिकारी पवन कुमार को प्रमुख वन संरक्षक पद से हटाकर प्रतीक्षा पंक्ति में रखा है। उन पर जनपद सोनभद्र में वनभूमि को जेपी ग्रुप को गलत तरीके से देने का आरोप है। शासन के अनुसार, पवन कुमार के खिलाफ जो शिकायतें आई थीं, उनकी जांच के बाद उन्हें पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया गया है।
बता दें कि पूर्व आईएफएस ए.के. जैन ने पवन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि करीब 4721 करोड़ की वन विभाग की जमीन के साथ हेरफेर किया गया है। इस संबंध में जैन ने साल 2017 में आगरा के मुख्य वन संरक्षक रहते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व की अखिलेश सरकार के दौरान वन विभाग की जमीन में हेरफेर किया गया। अखिलेश सरकार में संजीव सरन प्रमुख सचिव और पवन कुमार वन विभाग के सचिव थे। उन पर एक निजी कंपनी को सोनभ्रद्र में जमीन देने का आरोप लगा था।


Popular posts from this blog

भारत विदेश नीति के कारण वैश्विक शक्ति बनेगा।

बांसडीह में जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर दर्जनों लोगों ने एसडीएम को सौपा ज्ञापन

स्वरोजगारपरक योजनाओं के अंतर्गत ऑनलाइन ऋण वितरण मेले का किया गया आयोजन