आलू में पछेती झुलसा, तिलहनी फसलों में माहू एवं पाला से बचाव

उन्नाव 


जिला कृषि रक्षा अधिकारी, श्री विकास शुक्ला ने मौसम को देखते हुए किसान भाइयों को सलाह दी है कि इस समय तापमान गिरने के साथ-साथ आद्रता बढ़ने के कारण रबी की फसलों में कीट/रोग के प्रकोप की संभावना बढ़ रही है। ऐसी दशा में आलू में पछेती झुलसा, तिलहनी फसलों में माहू एवं पाला से फसलों के प्रभावित होने की संभावना है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि आलू में पछेती झुलसा के प्रकोप से बचाव हेतु जिनेब 75 डब्ल्यू0पी0 2 किलोग्राम अथवा कॉपर ऑक्सी क्लोराइड 50 प्रतिशत 2.50 किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से 750-800 लीटर पानी में घोलकर सुरक्षात्मक छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि तिलहनी फसलों राई/सरसों में माहू के प्रकोप की दशा में एजाडिरैक्टिन (नीम ऑयल) 0.15 प्रतिशत ई0सी0 2.50 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। रासायनिक नियन्त्रण डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ई0सी0 1 लीटर अथवा इमिडा क्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एस0एल0 250 मिली0 प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट हो रही है वहां पाले से बचाव हेतु खेत में हल्की सिंचाई करें। खेतों के चारों और धुआं करें एवं पौधों को बचाव हेतु पॉलिथीन या पुवाल से ढ़क कर रखें।


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