NRC के बाद अक्षय कुमार पर फूटा लोगों का गुस्सा, कैनेडियन कुमार का किया गया बायकॉट


देशभर में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध हो रहा हैं। इस कानून के खिलाफ सबसे उग्र प्रदर्शन जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में देखने को मिला जहां प्रदर्शन के हिंसात्मक होने के बाद पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। पुलिस के लाठीचार्ज करने को लेकर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक तरफ इस कार्रवाई की आलोचना और विरोध हो रहा है वहीं कई लोग इसे सही कह रहे हैं। फिलहाल नागरिकता संशोधन कानून ने जुड़ा कोई भी विवाद धमने का नाम नहीं ले रहा है, जामिया में अभी भी प्रदर्शन जारी है। 


विरोध हो रहा है नागरिकता संशोधन कानून का लेकिन नागरिकता की बात हो और सोशल मीडिया, अक्षय कुमार को बक्श दे ऐसा हो ही नहीं सकता। अक्षय कुमार पर फेक देश भक्त होने का आरोप लगता आया है क्योंकि अक्षय कुमार के पास भारत का नहीं बल्कि कनाडा का पासपोर्ट है। सोशल मीडिया पर आज हैशटैग चल रहा है- #BoycottCanadianKumar आखिर ऐसा क्यों है आइये हम बताते हैं आपको पूरा मामला- 
दरअसल CAB और NRC के खिलाफ जामिया में हो रहे प्रदर्शन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं इनमें से एक वीडियो पर अक्षय कुमार के ट्वीटर से लाइक हुआ है। अक्षय कुमार के ट्वीटर से एक ऐसा वीडियो लाइक किया गया है जिसमें जामिया के स्टूडेंट्स अफरा-तफरी में भाग रहे हैं। एक स्टूडेंट कह रहा है कि 'दिल्ली पुलिस लगातार आंसू गैस और गोलियां बरसा रही है हमपे। इसके अलावा पूरे वीडियो में जामिया के कैम्पस में स्टूडेंट्स शौर में भागते हुए नजर आ रहे हैं... इस वीडियो को अक्षय कुमार के ट्वीटर से लाइक किया गया है। 
 
लाइक का बटन दबते ही अक्षय कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया पर बायकॉट का लाउडस्पीकर ऑन हो गया। चारो तरफ अक्षय कुमार की इस बात को लेकर आलोचना की जा रहा है कि इस वीडियो को लाइक करके वह दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज को सपोर्ट कर रहे है। अक्षय कुमार के हेटर्स से तुरंत सोशल मीडिया पर - #BoycottCanadianKumar का अभियान चला दिया। 


इस पूरे मामले पर अक्षय कुमार ने अपनी सफाई दी है। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने ट्वीट से दूरी बना ली जिसमें संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के बाद पुलिस की जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर की गई कार्रवाई का मजाक उड़ाया गया था। अक्षय ने कहा कि उन्होंने गलती से उस ट्वीट को लाइक किया जिसमें लिखा था, ''बधाई हो... जामिया में आजादी मिली है।'' उपयोगकर्ता ने अपने ट्वीट के साथ वीडियो भी पोस्ट किया था जिसमें छात्र पुलिस से बचकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ''जहां तक जामिया मिल्लिया के छात्रों से जुड़े ट्वीट को लाइक करने का मामला है तो यह गलती से हुआ। मैं ट्विटर अकाउंट देख रहा था तभी गलती से ''लाइक'' बटन दब गया, जब मुझे इसका एहसास हुआ, मैंने तुरंत उसे ''अनलाइक'' किया, किसी भी हाल में मैं ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करता।'' उनकी प्रतिकिया के बाद ट्विटर पर ''हैशटैग कैनेडियनकुमार'' ट्रेंड करने लगा और कई लोगों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की प्रशंसा करने पर कुमार की आलोचना शुरू कर दी। उल्लेखनीय है कि रविवार शाम संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन बेकाबू होने पर पुलिस जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में दाखिल हुई थी। इस हिंसक झड़प में छात्र और पुलिस कर्मी सहित 40 लोग घायल हो गये। 


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