फिल्म तमाशा के सेट पर दीपिका के लिए सच में रोए थे रणबीर कपूर! क्या मांगी थी माफ़ी?


 रेनू तिवारी


प्यार में डूबे लोगों को ये बात आसानी से समझ आएगी। चार साल पहले एक फिल्म आयी थी इम्तियाज़ अली की तमाशा, जिसमें दिखाया गया था कि प्यार अगर आपको सहीं इंसान से नहीं हो तो क्या-क्या परिस्थितियां सामने आती है। बॉलीवुड के बेहतरीन रीयल लाइफ कपल रह चुके दीपिका- रणबीर को फिल्म मे कास्ट किया गया था।


किसी अंजाने से कई बार ऐसी रिश्ता बन जाता है जो देखते ही देखते हमारे लिए सबसे बढ़कर हो जाता है लेकिन ये जरूरी नही की वो रिश्ता हमेशा हमारे साथ बना रहे। प्यार इतनी डेढ़ी चीज है जो अकसर ऐसे इंसान से होता है जो अपके लिए सहीं नहीं होता, लेकिन आप फिर भी उसकी ओर खिचे चले जाते हो... लाख कोशिशों के बाद भी अगर वह आपके पास नहीं आ पता तो आप अधूरे रह जाते हो। इस अधूरेपन को दूर करके के लिए हम किसी न किसी को ढूंढ लेते हैं लेकिन उस ऑप्शन में भी हम अपनी पुरानी अधूरी चीजें ही ढूंढ़ते रह जाते हो। इसी कारण हम पुराने को भूल नहीं पाते और वर्तमान में जो साथ है उसे पहचान नहीं पाते.. और पूरी जिंदगी अधूरी कहानी का राग-अलाप कर निकाल देते हैं। प्यार में डूबे लोगों को ये बात आसानी से समझ आएगी। चार साल पहले एक फिल्म आयी थी इम्तियाज़ अली की तमाशा, जिसमें दिखाया गया था कि प्यार अगर आपको सहीं इंसान से नहीं हो तो क्या-क्या परिस्थितियां सामने आती है। बॉलीवुड के बेहतरीन रीयल लाइफ कपल रह चुके दीपिका- रणबीर को फिल्म मे कास्ट किया गया था।


फिल्म की कहानी
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे इंसान के दो व्यक्तित्व होते है। एक ऐसा व्यक्तित्व होता है जिससे लोग आकर्षित होते है और एक होती है कमी जिससे लोग बचते है। इंसान की कमी के बारे में इंसान के साथ रहकर पता चलता है। फिल्म में वेद (रणबीर कपूर) एक ट्रीप पर तारा (दीपिका पादुकोण) से मिलते है। दोनों का जिंदगी जीने का नजरिया और मस्ती करने का तरीका एक जैसा होता है। वेद और तारा की आपस में खूब बनती है लेकिन दोनों में यह करार होता है कि दोनों एक-दूसरे को अपना असली नाम नहीं बताएंगे न ही ट्रीप के बाद कभी मिलने की ख्वाहिश रखेंगे। कहते है कि जब कोई किसी चीज को न करने के लिए कहता है सबसे ज्यादा इच्छा उसी काम को करने की होती है। फिल्म में भी ऐसा होता है। तारा, वेद की पर्सनालिटी से काफी प्रभावित होती है और देखते ही देखते वेद को पसंद करने लगती है वह अपने ट्रीप की लास्ट डेट पर वेद को किस करके चली जाती है। 


तारा के मन में वेद होते है इस लिए वह किसी और के साथ नहीं रहती। एक दिन दिल्ली मे तारा की मुलाकात वेद से होती है। दोनों की मुलाकातें बढ़ती है और वह दोनों एक दूसरे को डेट करने लगते है। तारा को वही वेद चाहिए था जो ट्रीप पर मिला था लेकिन वेद असल जीवन में वैसा नहीं था वेद दोहरा जीवन जीता था। दिल्ली में वेद वेल डिसिप्लिन, एक जैसा जीवन जीता था। वेद दे चरित्र को देखने के लिए आपको फिल्म देखती पड़ेगी। तमाशा में वेद और तारा बिलकुल एक जैसे नहीं होते इस लिए तारा वेद के जीवन से चली जाती है लेकिन तारा वेद को हर्ट नहीं करना चाहती। वेद अपने दोहरे चरित्र से फिल्म में लड़ते दिखाए गये है। 


लोगों को समझ नहीं आयी फिल्म तमाशा
फिल्म लोगों को समझ नहीं आयी इस लिए ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। रणबीर कपूर और दीपिका ने फिल्म के लिए जो फीस ली थी वो इम्तियाज अली को वापस लौटा दी थी। 


फिल्म का खासियत
फिल्म में एक गाना है तो आज भी सुपरहिट है 'अगर तुम साथ हो' फिल्म के इस गाने को शूट जब किया जा रहा था तो दोनों के बीच में पुराने प्यार की केमिस्ट्री साफ नजर आ रही थी। कहा जाता है कि गाने के कुछ सीन इम्तियाज़ अली ने डाले ही नहीं थे जिसे रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण अपनी फीलिंग में ही कर दिया था। डायरेक्टर ने दोनों के शोट को कट नहीं कहा था क्योंकि दोनों की केमिस्ट्री खूब अच्छी लग रही थी। कहते है कि शॉट देते समय रणबीर कपूर सच में रोने लगे थे। आपको बता दें कि फिल्म तमाशा के लिए इम्तियाज़ अली की पहली चॉइस दीपिका पादुकोण नहीं थी बल्कि अनुष्का शर्मा थी। पहले ये फिल्म अनुष्का शर्मा को ऑफर हुई थी।


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