PPF खाताधारक के डिफॉल्टर हो जाने पर कुर्क नहीं होगी जमा राशि, जान लीजिए नए नियम


केंद्र सरकार ने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार पीपीएफ खाते में पड़ी राशि को अब कुर्क नहीं की जा सकती है। नए नियम पब्लिक प्रविडेंट फंड स्कीम 2019 ने पीपीएफ के पिछले सभी नियमों की तत्काल प्रभाव से जगह ले ली है।


नए नियम के तहत अगर पीपीएफ का खाताधारक कोई कर्ज डिफॉल्ट करता है तो उसके पीपीएफ अकाउंट में जमा राशि को किसी कोर्ट के आदेश या डिक्री के अंतर्गत कुर्क नहीं किया जा सकता है। सरकार ने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड स्कीम 2019 (PPF Scheme 2019) नाम से जारी इस नोटिफिकेशन को तत्काल रूप से प्रभावी भी कर दिया गया है।
नाबालिग बच्चे के नाम खोला जा सकता है अकाउंट : अब कोई भी व्यक्ति फॉर्म 1 के तहत एक आवेदन देकर PPF अकाउंट खोल सकता है। इतना ही नहीं, कोई भी व्यक्ति अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है।


500 से अधिक करवा सकते हैं जमा : PPF खाते में कोई व्यक्ति कम से कम 500 रुपए और अधिक से अधिक 1.5 लाख रुपए तक जमा कर सकता है वह भी 1 वित्तीय वर्ष में। लेकिन इसके लिए इस बात का ध्यान रखना होगा कि अधिकतम डिपॉजिट लिमिट अपने खाते के साथ नाबालिग के खाते को मिलाकर होगा।
15 साल का लॉक इन पीरियड : PPF में 15 साल का लॉक इन पीरियड होता है यानी जमा पैसा खाता खुलवाने के 15 साल बाद मिलेगा। हालांकि मैच्योरिटी के बाद पीपीएफ अकाउंट के एक्सटेंशन का प्रावधान है और इसे आगे और 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए उसे फॉर्म 4 के जरिए एप्लाई करना होगा, हालांकि अकाउंट में अगले 5 साल तक आगे बढ़ाने के लिए उसे अकाउंट मैच्योरिटी के 1साल पहले एप्लाई करना पड़ेगा।
हो जाएगा डिस्कॉन्टिन्यूड खाता : अगर किसी व्यक्ति ने यह अकाउंट खोलने के पहले साल कम से कम 500 रुपए जमा किया और फिर उसके बाद अगले साल अगर कोई राशि जमा नहीं की है तो इस खाते को बंद या डिस्कॉन्टिन्यूड खाता माना जाएगा। बंद अकाउंट को मैच्योरिटी अवधि के दौरान दोबारा शुरू कराने के लिए 500 रुपए के साथ सालाना 50 रुपए चार्ज लगेगा। यह शुल्क प्रतिवर्ष के अनुसार देय होगा।


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