प्रसपा का ‘संविधान बचाओ-देश बचाओ’ के संकल्प के साथ सांकेतिक उपवास व धरना

18 दिसम्बर को प्रसपा का 'संविधान बचाओ-देश बचाओ' के संकल्प के साथ सांकेतिक उपवास व धरना


लखनऊ
नागरिकता संशोधन विधेयक, एन०आर०सी० विवाद और सर्वोच्च न्यायालय, सीबीआई व चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर हो रहे हस्तक्षेप व हमले के विरोध में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) 18 दिसम्बर, 2019 दिन बुधवार को हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क में 'संविधान बचाओ-देश बचाओ' के संकल्प के साथ सांकेतिक उपवास व धरने का आयोजन करेगी।


उक्त निर्णय प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की कोर समिति की बैठक में लिया गया। बैठक को सम्बोधित करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के मुताबिक “राज्य, भारत के राज्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता से या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।“ कानून के सामने सब बराबर हैं। 


श्री यादव ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 14 में 'व्यक्ति' शब्द का उल्लेख है, ध्यान रहे यह अधिकार नागरिक ही नहीं सभी व्यक्तियों को प्राप्त है। इसका अर्थ यह है कि देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता, भले ही वह भारतीय गणराज्य का नागरिक न हो। ऐसे में देश में रह रहे किसी विदेशी नागरिक को धर्म के आधार पर आश्रय से वंचित करना गलत है।


श्री यादव ने कहा कि गलत आर्थिक नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया है। जीएसटी की जटिलता व नोटबंदी से अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर हुआ है। आर्थिक मंदी व बेरोजगारी से लड़ने की जगह भारतीय जनता पार्टी भावनात्मक मुद्दे उठा रही है। यह शर्मनाक है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश का रिकार्ड बेहद खराब हो गया है, किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा है व जिला/स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार चरम पर है।


बैठक में सैय्यदा शादाब फातिमा, शारदा प्रताप शुक्ला, राम नरेश यादव, सुंदर लाल लोधी, सैय्यद मकसूद अशरफ, जर्रार हुसैन, प्रेम प्रकाश वर्मा, अजय त्रिपाठी, बीनू शुक्ला एवं गौतम राणे सागर मौजूद थे व अन्य पदाधिकारीगण मौजूद थे।


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